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आखिर क्यूं इस लड़की ने चेहरे पर पोता खून? वजह इसको नहीं आपको जरूर कर देगी शर्मिंदा

महिलाओं की माहवारी कोई श्राप नहीं बल्कि महिलाओं की शारीरिक संरचना में प्राकृतिक परिवर्तन का हिस्‍सा है

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नई दिल्ली। महिलाओं की माहवारी कोई श्राप नहीं बल्कि महिलाओं की शारीरिक संरचना में प्राकृतिक परिवर्तन का हिस्‍सा है, जिसे वैज्ञानिक दृष्‍टिकोण से देखा जाए तो ये काफी सुलझी हुई प्रक्रिया है लेकिन वहीं जब इसे धार्मिक दृष्‍टिकोण से देखा जाता है तो ये एक तरह से कर्मकांड से जुड़ा एक बड़ा ही अजीबों-गरीब मान्‍यताएं लेकर जन्‍म लेता है। भारतीय समाज में महिलाओं की माहवारी को लेकर कई तरह की अवधारणाएं हैं, हालांकि आज का आधुनिक समाज पुरुष तथा महिला में कोई फर्क नहीं करता। इस आधुनिक दौर में महिलाएं, पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलती हैं।लेकिन अब समाज में इसे लेकर कई सारी प्रगतिशील चर्चाएं होने लगी है। अंग्रेजी में हम इसे Menstrual Periods कहते हैं।

ऑस्ट्रेलिया की एक स्पिरिट हीलर और फॉर्मर हेयरड्रेसर 26 वर्षीय याजमीना जेद ने एक अजीबों गरीब कदम उठाया जिसके बाद से सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गई। इस मुद्दे को समाज के सामने पेश करने के लिए इसने ये तरीका अपनाया।

दरअसल, इस लड़की ने अपने पीरियड्स के ब्लड को चेहरे पर लगाया ताकि लोग इसे तुच्छ नज़र से ना देखें। महिला ने फिर इसे अपने फेसबुक प्रोफाइल पर पोस्‍ट कर दिया फिर क्‍या था तमाम तरह के कमेंट भी आने लगे, जिसमें कई यूजर्स ने इस पोस्ट के लिए लिखा की ये लड़की मानसिक तौर पर बीमार है।

लेकिन याजमीना का कहना है कि वो ये काम अपनी बॉडी को रिकनेक्ट करने के लिए करती है, जिसे हम सामाजिक शर्मिंदगी के चलते नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि मैं ऐसा करके लोगों को दिखाना चाहती थी कि ये कोई शर्मिंदा होने वाली चीज नहीं है, बल्कि ये हमारी बॉडी का ही एक हिस्सा है।

याजमीना का कहना है कि आज की इस आधुनिक जिंदगी में इसे लेकर शर्मिंदगी नहीं महसूस करना चाहिए। शर्मिंदा होने बस यही होता है कि इससे जुड़े कई तरह के भ्रम को समाज में तवज्जो मिल जाती है। वह ये भी कहती हैं कि महिलाएं इसे सीक्रेट रखती हैं ऐसे में वो इसका ब्लड अपने चेहरे पर लगाकर महिलाओं को ये बताना चाहती हैं कि इसे चोरी-छिपे मैनेज करने की जरूरत नहीं है।

सोशल मीडिया ने यूजर्स ने उन्हें मानसिक रूप से बीमार बताया और मेन्टल इंस्टीट्यूशन जाने की सलाह दे डाली। इस वजह से उन्‍हें सोशल मीडिया पर ट्रोल भी किया जाने लगा। लेकिन ये भी हकीकत है चाहे वह महिला हो या पुरुष सभी इस मसले पर अब खुलकर बोल रहे हैं।