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Raksha Bandhan Muhurat: यूपी में इस दिन मनाया जाएगा रक्षाबंधन, भद्रा में न उलझें, यहां जानें राखी बांधने का सटीक समय

Raksha Bandhan Muhurat: रक्षाबंधन को लेकर लोगों में उलझन की स्थिति है। ऐसे में पत्रिका उत्तर प्रदेश ने ज्योतिषियों से चर्चा कर इस समस्या का हल निकाला है। आइए जानते हैं...

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Astrologer told best time shubh muhurat tie brothers rakhi on Raksha Bandhan

ये है रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त

Raksha Bandhan Muhurat: रक्षाबंधन भाई-बहन के आपसी प्रेम, विश्वास और रक्षा के संकल्प का त्योहार है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर अपने और उनके जीवन की रक्षा की कामना करती हैं। वहीं भाई हमेशा अपनी बहनों को रक्षा करने का वचन देते हैं। इस बार रक्षाबंधन को लेकर लोगों में उलझन की स्थिति है।

दरअसल, रक्षाबंधन का त्योहार सावन महीने की पूर्णिमा तिथि को मनाने की परंपरा है। 30 अगस्त को सुबह 10 बजकर 55 मिनट पर पूर्णिमा ति‌थि शुरू हो रही है। इसके साथ ही भद्राकाल भी शुरू हो रहा है। शास्‍त्रों में भद्राकाल के दौरान सारे शुभकार्य वर्जित हैं। यानी भद्राकाल में कोई शुभ कार्य नहीं किया जा सकता है। ऐसे में लोगों में उलझन है कि आखिर रक्षाबंधन मनाया कब जाए? ऐसे में पत्रिका उत्तर प्रदेश ने ज्योतिषियों से चर्चा कर इस समस्या का हल निकाला है।

30 अगस्त को सुबह 10.55 मिनट पर पूर्णिमा के साथ ही शुरू हो रहा भद्रा का साया
मुरादाबाद निवासी श्री हरि ज्योतिष केंद्र के व्यवस्‍थापक पंडित सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि 30 अगस्त को सुबह 10.55 मिनट पर सावन की पूर्णिमा लगेगी। जो 31 अगस्त को सुबह 7 बजकर 50 मिनट तक रहेगी। हालांकि 30 अगस्त को पूर्णिमा लगने के साथ ही भद्रा शुरू हो जाएगी। ये रात 9 बजे तक रहेगी। ज्योतिष शास्‍त्र में बताया गया है कि भद्रा में कोई शुभ कार्य नहीं किया जाता है। हालांकि तमाम ज्योतिषियों का ये भी कहना है कि भद्रा के मुख में रक्षाबंधन मनाना वर्जित है। 30 अगस्त की शाम 5.30 तक भद्रा का मुख काल रहेगा।

इसके बाद 5.31 से 6.32 बजे तक पूंछ काल रहेगा। इसमें रक्षाबंधन मनाया जा सकता है। हालांकि शास्‍त्रों में कहा गया है कि भद्रा काल से बचना ही चाहिए। 30 अगस्त को रात 11 बजे भद्रा काल समाप्त हो जाएगा। दूसरी ओर 31 अगस्त को सुबह 7 बजकर 50 मिनट तक पूर्णिमा का मान रहेगा। इस दिन किसी भी कार्य की मनाही भी नहीं है। ऐसे में 31 अगस्त को पूरे दिन रक्षाबंधन मनाया जा सकता है।

31 अगस्त को दिनभर मनाया जा सकेगा त्योहार
मुरादाबाद निवासी श्री हरि ज्योतिष केंद्र के व्यवस्‍थापक पंडित सुरेंद्र शर्मा का कहना है कि कुछ ज्योतिषियों का कहना है कि नौ बजे के बाद भद्रा खत्म होने के बाद 11 बजे तक रक्षा बंधन का त्योहार मना सकते हैं। शास्‍त्रों में कहा गया है कि रात्रिकाल में रक्षाबंधन नहीं मनाया जाता है। ये हमेशा उदयातिथि में ही मनाया जाता है। ये भाई-बहन के त्योहार दिन का है। चूंकि 31 तारीख को सुबह 7.5 मिनट तक पूर्णिमा तिथि है। शास्‍त्रों में लिखा है उदयातिथि पूरे दिन मानी जाती है। इसलिए इस दिन रक्षाबंधन मनाने में कोई दोष नहीं है। पूर्णिमा का मान सुबह लगभग आठ बजे तक रहने के कारण पूरे दिन त्योहार मना सकते हैं।