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स्वच्छता मिशन का जायजा लेने गए DM ने ग्रामीणों से पूछा गांव में रामराज्य है-देखें वीडियो

डीएम ने गांव में महिलाओं, पुरूषों, बुजुर्गों और युवा छात्रों से बातचीत की उनसे पूछा कि आप बताएं कि आपके गांव में शराब बिकती है।

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DM Rampur

रामपुर: देश के प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री गांव को आदर्श गांव बनाने के लिए धन सीधे गांव के प्रधान और सचिव के खाते में भेज रहे हैं, लेकिन ग्राम प्रधान और सचिव काम करना ही नहीं चाहते। इस बात का खुलासा खुद ज़िले के कलेक्टर शिव सहाय अवस्थी ने एक गांव का औचक निरीक्षण कर किया।

पूरे देश में शनिवार को किसान दिवस मनाया गया। रामपुर DM ने भी किसान मेला लगाकर किसानों को कम दाम पर दवाईयां बांटी बाद में उन्होंने मिलक विधानसभा के दो गांव में विकास कार्यों का औचक निरीक्षण भी किया। निरीक्षण गांव में DM ने देखा कि जो शौचालय बनाए गए हैं, उनके दरवाजे घटिया होने के साथ ही शौचालय के गड्ढों का साइज भी मानक के अनुरूप नहीं है। यह देखने के बाद डीएम ने उसे मापकर देखा और पंचायत सचिव को जमकर फटकार लगाई।

दरअसल सेक्रेट्री (सचिव) के लिए शासन से पूरी कैटलॉग जारी हुई है जिसमें शौचालय के गढ्ढे की गहराई और चौड़ाई सहित सभी मानक बताए गए हैं। लेकिन सम्बंधित अफसरों ने कैटलॉग को न पढ़ा और न ही गांव में आकर शौचालयों का निर्माण कार्य देखा जिसको लेकर डीएम की नजर पड़ गई। फिर क्या था डीएम ने सेकेट्री की जमकर क्लास लगाई और उनके बीडीओ को बोला कि पंचायत में एक माह के अंदर विकास कार्यों की जांच कराएं।

इसके अलावा डीएम ने एक गांव में राशन डीलर की शिकायत मिलने पर तत्काल प्रभाव से उसे निलंबित कर दिया। इसके अलावा एक पंचायत में विकास कार्य कागज में तो दिखे लेकिन जमीन पर नहीं जिसको लेकर डीएम भड़क गए और उन्होंने तुरन्त अफसरों को हड़काते हुए कहा कि एक माह में जो योजना बनी है उसके तहत काम कराए जाएं अगर ऐसा नहीं होता है तो बड़े स्तर पर कर्रवाई करूंगा।

डीएम ने गांव में महिलाओं, पुरूषों, बुजुर्गों और युवा छात्रों से बातचीत की उनसे पूछा कि आप बताएं कि आपके गांव में शराब बिकती है। स्कूल समय पर खुलते हैं। गांव में कोई गलत गतिविधियां तो नहीं हो रहीं हैं। इसके अलावा यह भी पूछा कि बुजुर्गों को पेंशन मिली या नहीं। जिस महिला ने बताई नहीं तब तुरन्त डीएम ने उनका नाम दर्ज कर उन्हें पेंशन मिलने का आश्वासन दिया।

दरअसल शनिवार को कुछ अफसरों ने डीएम का प्रोग्राम लगाया था, लेकिन डीएम जान गए थे कि गांव की असल हकीकत क्या है। जिसको लेकर डीएम प्रोग्राम में जाना केंसिल कर गांव की गलियों में निकल गए जहां पर तमाम लापरवाहियां मिलीं। जिसको लेकर डीएम ने अफसरों को दो टूक कह दिया कि काम में परिवर्तन लाएं अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार हो जाएं।