
महज छह महीने में इस लड़की की उम्र बढ़ गयी चार साल, डॉक्टर भी हैरान
मुरादाबाद : सूबे की खस्ताहाल चिकित्सा व्यवस्थाएं किसी से छिपी नहीं हैं। लेकिन इस बार डाक्टरों के कारनामे ने एक अनाथ को ऐसे दोराहे पर लाकर खड़ा कर दिया गया है। जिसमें उसके सामने बालिग़ और नाबालिग को साबित करने की चुनौती बढ़ गयी है। जी हां महज छह महीने के अंतर में बनी मेडिकल रिपोर्ट में किशोरी की उम्र में चार साल का अंतर आ गया। जिसके बाद अधिकारीयों को भी जबाब देते नहीं बन पा रहा। फ़िलहाल मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।
यहां मिली थी किशोरी
जानकारी के मुताबिक बीते साल दिसंबर 2017 में कांठ थाना क्षेत्र के उमरी चौराहे से एक लावारिश किशोरी पुलिस को मिली थी। कांस्टेबिल रविन्द्र कुमार ने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया था। जिस पर किशोरी का मेडिकल कराया गया। पुलिस ने चिकित्सकों से लड़की की वास्तविक उम्र पूछी, रिपोर्ट मिलने तक किशोरी नारी निकेतन मुरादाबाद के सुपुर्द भेजा गया। 29 दिसंबर को आयु प्रमाण पत्र जिला अस्पताल मुरादाबाद से जारी हुआ, जिसमें किशोरी की उम्र पंद्रह वर्ष बताई गई। पुष्टि के बाद एडीएम प्रशासन ने प्रकरण बाल कल्याण समिति के पाले में डाल दिया।
सहारनपुर में है किशोरी
मामले की सुनवाई करते हुए एक जनवरी 2018 को सीडब्ल्यूसी ने किशोरी को राजकीय महिला बालगृह बालिका पुष्पांजलि बिहार सहारनपुर भेजा। इसी साल 16 मई को सीडब्ल्यूसी की काउंसलर डिंपल सहारनपुर पहुंचीं। वहां बातचीत में किशोरी ने अपना नाम व पता बताया। परिजनों से दोबारा मिलने की राह में आधा अधूरा पता रोड़ा बना।
ऐसे खुला मामला
इस मामले में नया मोड़ तब आया जब सहारनपुर के जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बाल कल्याण समिति मुरादाबाद को एक पत्र भेजा। डीपीओ ने बताया कि किशोरी की वास्तविक उम्र 19 वर्ष है। ऐसे में किशोरी राजकीय महिला बालगृह सहारनपुर में रहने की पात्र नहीं है। जिस पर स्थानीय अधिकारी सकते में आ गए। वह सोचने पर मजबूर हो गई कि जो किशोरी महज छह माह पूर्व पंद्रह वर्ष की थी, वह अचानक 19 वर्ष की कैसे हो गई।
इस दिन जारी हुआ प्रमाण पत्र
डीपीओ ने बताया कि सहारनपुर भेजे जाने से पहले नारी निकेतन मुरादाबाद ने किशोरी का मेडिकल कराया था। 21 मई 2018 को जारी आयु प्रमाण पत्र में लड़की की उम्र 19 वर्ष बताई गई है। अब भी स्थानीय अधिकारीयों को यकीन नहीं हो रहा कि मुरादाबाद जिला अस्पताल सिर्फ छह माह के भीतर किसी की उम्र में चार वर्ष की हेराफेरी कर सकता है।
जांच की बात
बहरहाल सहारनपुर के जिला प्रोबेशन अधिकारी के पत्र के जवाब में सीडब्ल्यूसी ने स्थानीय प्रशासन से विचार विमर्श करने का मन बनाया है। इस बारे में सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष गुलजार अहमद ने कहा कि वास्तविक आयु प्रमाण पत्र कौन सा है। इसकी जांच की जाएगी। सही उम्र का निर्णय होने के बाद किशोरी के भविष्य को लेकर फैसला लिया जायेगा।
स्टाफ से होगी पूछताछ
वहीँ इस मामले में एसीएमओ डॉ दिनेश कुमार प्रेमी ने बताया कि एक्सरे के मुताबिक ही रिपोर्ट दी जाती है। उस वक्त एक्सरे की क्या स्थिति थी और अब के एक्सरे में क्या निकला है वो देखा जाएगा। सोमवार को रिपोर्ट देने वाले स्टाफ से पूछताछ की जाएगी।
Published on:
18 Nov 2018 08:26 pm
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