
संभल: जनपद में जंगली कुत्तो का आतंक लगातार बना हुआ है। बेलगाम हुए ये जंगली कुत्ते रोजाना लोगों को काट रहे हैं। जिस कारण पिछले दिनों कई लोगों को काटने वालों में से तीन लोगों की मौत हो गयी है। क्यूंकि उन्हें समय रहते रेबीज का इंजेक्शन नहीं मिल पाया। वहीँ लगातार कुत्तों के काटने से मौतों में इलाके लोगों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति आक्रोश बढ़ गया है। उधर इस मामले में स्थानीय नगर पालिका और स्वास्थ्य विभाग ने चुप्पी साध ली है।
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चंदौसी कोतवाली क्षेत्र के चंदौसी कस्वे में जंगली कुत्तो ने इन दिनों अपना आतंक बरपाया हुआ है। हालात इतने ख़राब है कि एक ही दिन में तीन लोगो की मौत हो गयी। मरने वालों में दो मासूम और एक युवती भी शामिल है। लगभग 15 दिन पूर्व इलाके के ही जंगली कुत्ते ने लगभग दो दर्जन लोगो को अपना शिकार बनाया था। जिसके बाद एक के बाद एक तीन लोगो की मौत हो गयी। मृतको में एक युवती और दो मासूम भी शामिल है। जिसमे 5 साल की मासूम जरीन अपने घर के बाहर खेल रही थी तभी जंगली कुत्ते ने मासूम पर हमला कर दिया। जिसके बाद परिजन सरकारी अस्पताल पहुंचे और मासूम को दिखाया। लेकिन वहां से उनको निराश हो कर ही लौटना पड़ा। रेबीज का इंजेक्शन ख़त्म होने का कारण बताया गया। जिस कारण इलाज के अभाव के चलते उसकी मौत हो गयी।
इसके अलावा 5 साल के मासूम अनिल भी उसी इलाके में अपने घर के बाहर खेल रहा था। तभी कुत्तो ने उसको भी अपना निशाना बनाया। उसको भी तत्काल अस्पताल ले जाया गया। हालात को देखते हुए उसके भी एक इजेक्शन लगाया और अगली तारीख दी गयी। लेकिन अगली तारीख पर उसको भी इजेक्शन ख़त्म होने की बात कह दी गई और कह दिया गया कि अब ये ठीक है घर ले जाओ।
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19 साल की नेहा अपने घर पर सो रही थी तभी उसको भी जंगली कुत्तो ने अपना निवाला बना लिया। घायल युवती को भी इलाज के लिए सीएचसी चंदौसी ले जाया गया। उसको वहां से भगा दिया और उससे पैसे की मांग की गयी पर उसको तत्काल इलाज नही दिया गया। उसकी भी इलाज के आभाव के चलते शनिवार को मौत हो गयी।
अगर कुत्तों के काटने से घायल लोगों की बात की जाए तो लगभग एक दर्जन से अधिक लोग हैं। जिन्हें अभी तक हाइड्रोफोबिया का इलाज नहीं मिल पा रहा। यानि करीब दर्जन भर और लोग मौत के मुहाने पर हैं।
सीएचसी चंदौसी प्रभारी मनोज कुमार के मुताबिक कुत्ते काटे के अधिक संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। अस्पताल में जितने संसाधन है उस हिसाब से इलाज किया जा रहा है। उन्होंने लापरवाही की बात को नकारा है।
Published on:
22 Apr 2018, 12:41 PM IST
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