
मुरादाबाद: फिल्म पद्मावती के विरोध में तमाम संगठनों के साथ ही अब भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद भी उतर आये हैं। मंगलवार को मुरादाबाद पहुंचे चिन्मयानंद ने कहा की फिल्म में लोगों की आस्था से खिलवाड़ किया गया है। इसलिए सेंसर बोर्ड को चाहिए की लोगों की आस्था को ध्यान में रखते हुए उसकी रिलीज पर रोक लगाए और उसमें दिखाए गए आपत्तिजनक चरित्र और स्थानों को हटाया जाए।
वहीं उन्होंने खुद अभी फिल्म न देखने की बात कही है। चिन्मयानंद ने फिल्म पर रोक को लेकर राजस्थान सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उठाये गए कदमों को उचित ठहराया। उन्होंने कहा कि दोनों ही सरकारों ने लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सेंसर बोर्ड को अवगत कराया गया है।
इसके आलावा राममंदिर आंदोलन में सक्रीय भूमिका निभाने वाले स्वामी चिन्मयानंद ने मौजूदा श्री श्री रवि शंकर के बातचीत के मुद्दे को बिना वजह समय खराब करने वाला कहा। बोले की अब राममंदिर का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में अंतिम चरण में है और कुछ लोग बिना बजह का माहोल बना रहे हैं। उनके पास कोई फार्मूला नहीं है। पहले भी दोनों धर्मों के बड़े गुरुओं के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है। लेकिन कोई फैसला नहीं बन सका। अब भी बिना किसी फार्मूले के ये सब दिखावा है।
देखें वीडियो
https://youtu.be/vkjiw0_xhx0
चिन्मयानंद ने कहा की भाजपा सरकार ने पहले ही कहा था कि वो इसी तरह के फार्मूले पर काम कर रही है, बातचीत का मुद्दा फेल हो चुका और अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इसके बाद भी अगर मामला नहीं सुलझा तो संसद में कानून बनाना पड़े, राम मंदिर बनकर ही रहेगा। उन्होंने मस्जिद की जगह इस्लामिक रिसर्च सेंटर बनाने की भी वकालत की है। यही नहीं स्वामी चिन्मयानंद ने मौजूदा नगर निकाय चुनाव में भाजपा को जीत का प्रबल दावेदार बताया और कहा कि पार्टी पूरी ताकत से चुनाव लड़ रही है। वहीं पार्टी के बीच टिकट बटवारे को लेकर जारी गतिरोध पर कहा कि सभी कार्यकर्ता संतुष्ट हैं।
Published on:
22 Nov 2017 09:58 pm
बड़ी खबरें
View Allमुरादाबाद
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
