
मुरादाबाद। कोरोना वायरस को लेकर सरकार व प्रशासन द्वारा लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है। बावजूद इसके कुछ लोगों की लापरवाही उनके और दूसरों के लिए मुसीबत का सबब बन रही है। ताजा मामला जनपद के पाकबड़ा का है। जहां मोहल्ला मुल्लानों में रहने वाले एक मरीज की मृत्यु निजी अस्पाल में इलाज को दौरान हो गई। उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। आरोप है कि अस्पताल ने मृतक के परिजनों को शव बिना सील किए और डब्लूएचओ की गाइडलाइन का उल्लंघन कर सौंप दिया।
जिसके बाद उसके परिजनों ने कोरोना संक्रमित के शव को नहला दिया। इतना ही नहीं, मृतक के जनाजे में सैंकड़ों लोग भी शरीक हुए। उधर, मामले की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। सोमवार सुबह स्वास्थ्य विभाग की टीम पुलिस के साथ मौहल्ले में पहुंची और सीलिंग की कार्रवाई की। इसके साथ ही मृतक को गुस्ल देने वालों के साथ ही उनके संपर्क में आने वाले सभी लोगों के नमूने जांच के लिए भेजे।
वहीं प्रशासन ने मस्जिद और गुस्ल वाली मसहरी को भी सैनिटाइज कराया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संपर्क में आने वाले 112 लोगों के नमूने लिए हैं। जिनकी रिपोर्ट आनी बाकी है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी लोगों को होम क्वारंटाइन रहने के भी निर्देश दिए हैं।साथ ही मोहल्ले को हॉटस्पॉट क्षेत्र घोषित करते हुए 14 दिन के लिए सील कर दिया गया है।
यह है नियम
बता दें कि स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार यदि किसी कोरोना संक्रमित की मृत्यु होती है तो अस्पताल के दक्ष कर्मचारी शव की सही तरह से सफाई और सैनिटाइज करने के बाद उसे पैक करेंगे। इसके बाद अस्पताल की एंबुलेंस से शव को श्मशान या कब्रिस्तान पुहंचाया जाएगा। वहीं पर परिजनों की मौजूदगी में निगम या नगर निकाय के कर्मचारी बड़ी सुरक्षा के साथ उसका अंतिम संस्कार करेंगे। इस दौरान शव को छूने, नहलाने की इजाजत नहीं होगी। साथ ही जो भी लोग अंतिम संस्कार में मौजूद होंगे उन्हें पीपीई किट पहननी होगी।
Updated on:
14 Jul 2020 11:41 am
Published on:
14 Jul 2020 11:39 am
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