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छोटे से कस्बे में रहने वाली किसान की बेटी बनी आई.पी.एस.

कुन्दरकी कस्बे की रहने वाली किसान की बेटी इल्मा ने अखिल भारतीय स्तर पर 217वीं रैंक हासिल की

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मुरादाबाद: शुक्रवार को संघ लोक सेवा आयोग द्वारा वर्ष 2017 की सिविल सर्विस परीक्षा का नतीजा घोषित किया गया। जिसमें करीब 900 से अधिक पदों पर क और ख समूह के अधिकारीयों को चयन किया गया। वहीँ इस परीक्षा मुरादाबाद की बेटी ने भी जनपद का नाम ऊंचा किया है। यहां कुन्दरकी कस्बे की रहने वाली किसान की बेटी इल्मा ने अखिल भारतीय स्तर पर 217वीं रैंक हासिल की। उनके मुताबिक उन्हें संभवता भारतीय पुलिस सेवा में मौका मिलेगा। इल्मा की इस सफलता के बाद उनके पूरे परिवार में ख़ुशी का माहौल है। वहीँ इल्मा ने भी इस सफलता का श्रेय परिवार और शिक्षकों को दिया है।

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कुन्दरकी कस्बे के किसान स्वर्गीय काजी अफरोज की बेटी इल्मा शुरू से ही पढने लिखने में आगे रहीं। जब इल्मा के पिता किन मौत हुई तो उनकी उम्र महज 14 साल थी। उनकी मां सुहैला परवीन ने कभी पिटा की कमी नहीं खलने दी और हर मुमकिन कोशिश अपने बच्चों को पढ़ाने में लगा दी। दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से दर्शनशास्त्र की पढाई के बाद इल्मा आगे की पढाई के लिए उन्होंने ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी से पढाई की। उन्होंने इस दौरान आईएफएमआर स्कोलरशिप और कंटेम्पररी साउथ एशियाई स्टडीज जैसे अवार्ड भी मिले।

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ऑक्सफ़ोर्ड के बाद इल्मा यूनाइटेड नेशंस के साथ जुड़ गयीं वहां उन्हें पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की सचिव के रूप में काम करने का भी मौका मिला। लेकिन इल्मा ने अपने गांव कुन्दरकी से रिश्ता कभी खत्म नहीं किया। यही नहीं वे गरीब बच्चों के लिए होप नामक एक एनजीओ भी संचालित कर रही हैं।

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अब सिविल सर्विस में चयन के बाद इस तरह के काम को आगे बढाती रहेंगी। फ़िलहाल उनके परिवार में ख़ुशी की लहर है। आस पड़ोस के साथ तमाम लोग उन्हें बधाईयां देने पहुंच रहे हैं। परिवार को भरोसा है कि इल्मा बतौर पुलिस अधिकारी भी एक नयी मिसाल समाज के सामने पेश करेंगी।