
मुरादाबाद: योगी सरकार ने किसानों के कर्ज माफ़ी के साथ ही उन्हें उनकी फसल को सही मूल्य पर बेचने का भी बेहद सरल तरीका इजाद किया है। जी हां अब उन्हें बोझ लादकर फसल का उत्पाद बेचने के लिए नहीं जाना पड़ेगा। घर बैठे ही उन्हें फसल को कब, कहां और किस मूल्य पर बेचना है। इसकी जानकारी मिल जाएगी। वो अब अपनी फसल को 50 किमी. दूरी तक कृषि मंडियों में बेच सकते हैं। ये सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कृषि एवं विदेश व्यापार निदेशालय ने मंडी समिति के माध्यम से किसान ऐप जारी किया है।
किसान अब तक फसलों का उत्पाद बेचने के लिए मंडी समिति के चक्कर लगाते थे। यही नहीं गांव स्तर पर उन्हें बिचौलियों का सहारा भी लेना पड़ता था, जिस कारण फसलों का मूल्य भी कम मिलता था। कभी-कभी बिचौलिये उनके उत्पाद का औना-पौना दाम लगाकर भुगतान भी कम करते थे, लेकिन अब उन्हें इस परेशानी से गुजरना नहीं पड़ेगा। दाम तो पूरा मिलेगा ही और अब बिचौलियों से भी निजात मिल जाएगी।
किसान एप के जरिए किसान अपनी फसल का अधिकतम मूल्य तीन मंडियों में देख सकते हैं। मंडल या 50 किमी. क्षेत्र की पसंदीदा मंडियों में उन्हें घर बैठे मूल्य की जानकारी मिल जाएगी। अच्छा दाम मिलने पर उन्हें उत्पाद को बेचने की पूरी छूट होगी। घर बैठे ही वह बाजार भाव देख सकते हैं।
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एप के जरिये किसान ये निर्णय लेने में सक्षम होंगे कि वह अपने कृषि उत्पाद को कब, कहां और किस मूल्य में बेचें। एक क्लिक करते ही तमाम मंडियों का भाव उनके सामने होगा। इसके जरिए फसलों का उचित मूल्य उन्हें घर बैठे ही मिल जाएगा।
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वेबसाइट के जरिये भी प्रदेश भर की मंडियों के उसी दिन के बाजार भाव देख सकते हैं। स्थानीय मंडी प्रभारी विनय कुमार सिंह ने कहा इस एप से किसानों को ज्यादा लाभ होगा। हमने अपने यहां के सभी फसलों के सरकारी रेट ऑनलाइन कर रखे हैं। इससे किसानों की समय की बचत के साथ पैसे का मुनाफा भी होगा।
Published on:
04 Feb 2018 06:45 pm
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