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CBI में उथल-पुथल मचाने वाले मीट कारोबारी मोइन कुरैशी का इस शहर में है किला, रहते हैं सिर्फ 3 नौकर

पूरे रामपुर शहर में नहीं इससे बड़ी कोई कोठी। 40-40 फीट ऊची हैं दीवारें।  
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मुरादाबाद

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Rahul Chauhan

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Updated: 29 Oct 2018, 8:12 PM IST

moin qureshi kothi

मीट कारोबारी मोइन कुरैशी की इस शहर में है करोड़ों रुपये कीमत की कोठी, रहते हैं सिर्फ 3 नौकर

रामपुर। पहले हवाला कांड और अब सीबीआई को घूस देने के आरोप में फंसे रामपुर के मीट कारोबारी मोइन कुरैशी की करोड़ों रुपये कीमत की कोठी में बिहार के तीन नौकर रहते हैं, जिन्होंने पत्रिका को बताया कि काफी लंबे समय से हम तीन नौकर ही इस कोठी को संभाले हुए हैं। कोठी की साफ सफाई से लेकर टेलीफोन बिल, बिजली बिल हम ही चुकाते हैं। मोइन साहब साल भर में 2-3 बार ही अक्सर शाम को अपनी फैमिली के साथ यहां आते हैं और सुबह चले जाते हैं। कोठी का सारा खर्च और हमारी सेलरी एकाउंट में ही आती है।

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पत्रिका ने नौकरों की बातों की सच्चाई को समझने के लिए कुरैशी के कुछ पड़ोसियों से उनके बारे में जाना। कब-कब मोइन कुरैशी यहां आता है और कब-कब यहां रहता है। इस सवाल को सुनकर ज्यादातर लोगों ने अपनी जुबान बंद कर ली। लेकिन 70 साल के एक बुजुर्ग ने बातचीत करते हुए बताया कि मोइन कुरैशी हमारे पड़ोसी हैं। अक्सर वह ईद पर यहां आते हैं। दो चार दिन यहां रुकते हैं। उनके घर के बराबर में एक मजार है। वहां जरूर जाते हैं। साथ ही मजार पर होने वाले उर्स में भी हर साल शामिल होते हैं। पड़ोसी बुजुर्ग ने बताया कि मोइन कुरैशी का परिवार एक संभ्रांत परिवार है। हमने देखा है कि वह अपने पड़ोसियों से ज्यादा बातचीत नहीं रखते और ना ही ईद के मौके पर किसी से ईद मिलते हैं।

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जब भी रामपुर आते हैं, उनकी गाड़ियां घर के अंदर प्रवेश करती हैं और जाते वक़्त गाड़ियां घर से निकल जाती हैं। एक और बुजुर्ग पड़ोसी ने बताया कि उनका बड़ा कारोबार देश की राजधानी दिल्ली समेत कई देशों में फैला है, जिसमें वह व्यस्त रहते हैं। 80 साल के बुजुर्ग ने भी बताया कि मोइन कुरैशी हमारे बचपन के दोस्त थे। अब वह अपने कारोबार में लगे हैं। कभी भी समय नहीं मिलता कि उनके साथ बैठकर कुछ पुराने पल याद करें, क्योंकि मोइन साहब बहुत व्यस्त रहते हैं। जब भी रामपुर आते हैं, तब-तब हमें पता लग जाता है कि मोइन साहब रामपुर आए हैं। लेकिन हम जैसे ही उनसे मिलने की सोचते हैं, तो पता चलता है कि वह दिल्ली निकल गए।

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पूरे रामपुर में मोइन कुरैशी की कोठी यहां के सबसे बड़े रईस खानदान बेगम नूरबानो से भी बड़ी है। बुजुर्गों के मुताबिक मोइन कुरैशी की जितनी बड़ी कोठी बनी है उस दौर में उतनी बड़ी कोठी शहर में किसी की नहीं है। एक-एक मीटर चौड़ी दीवारें बनी हैं, जो शायद किसी कोठी की नही होंगी। चालीस से पचास फीट दीवारों की ऊंचाई है। इतनी ऊंचाई की दीवारें बहुत कम होती हैं।

पत्रिका संवाददाता ने उनकी कोठी के अंदर यानी मैन गेट में घुसते ही देखा कि वहां पर दो गार्ड बैठे रहते हैं। एक अंदर रहता है। इसके अलावा वहां एक टेलीफोन रखा है। साथ ही एक टेलीफोन नंबरों का एक चार्ट है, जिसमें कोठी के अलग-अलग लाइनों के नंबर लिखे हैं। इसके अलावा अति महत्तपूर्ण नम्बर यहां लिखें हैं। नौकरों ने हमें बताया कि अब यह टेलीफोन खराब हैं। जब यह ठीक थे तब हम इनका बिल जमा करते थे। बिहार के रहने वाले नौकरों ने जो भी बातें पत्रिका संवाददाता को बताईं। वह नाम न खोलने की शर्त पर बताई हैं। इसलिए हमने उनका नाम नहीं बताया है।