
मुरादाबाद: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में 8 मार्च को कम्पनी बाह स्थित पंचायत भवन में 151 जोड़ों की शादी होनी थी। लेकिन उससे पहले आवेदनों की जांच में 26 जोड़े शादीशुदा पाए गए। जिसके बाद नगर निगम अधिकारीयों के होश उड़ गए। वहीँ अभी इस मामले की जांच चल ही रही थी कि मंगलवार शाम को आवेदनों की जांच में 36 जोड़े ऐसे मिले जो अभी कानूनी रूप से नाबालिग थे। लिहाजा इनका आवेदन रद्द कर रिपोर्ट उच्च अधिकारीयों को दे दी है। नगर आयुक्त अवनीश कुमार शर्मा ने बताया कि आवेदनों की गहनता से जांच की जा रही है। जिसमें इस तरह के प्रकरण सामने आये हैं। जो भी चीजें सामने आ रही हैं उन्हें जिला स्तरीय समिति के पास भेजा जा रहा है।
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इस योजना में सभी नगरिया निकायों को अपने अपने यहां गरीब निर्धन कन्याओं का विवाह कराना है। इस योजना में सरकार कि तरफ से 20 हजार कि नगदी के साथ ही शादी का खर्च और जरूरत का सामान बिलकुल मुफ्त दिया जा रहा है। इसमें कुल एक जोड़े पर 35 हजार की रकम निर्धारित है। लेकिन कुछ लोग गलत नियत से इसका लाभ लेने के लिए फर्जी आवेदन कर रहे हैं। तभी नगर निगम कर्मचारियों को 26 जोड़े शादी शुदा मिले तो वहीँ अब इस योजना का अनावश्यक लाभ लेने के लिए नाबालिगों ने भी आवेदन कर दिया। इसलिए अब आधार कार्ड का भौतिक सत्यापन कर्मी घर जाकर कर रहे हैं। ताकि सरकारी रकम का दुरपयोग न हो सके।
वहीँ ये भी सामने आया है कि अगर अधिकारी गंभीर न होते तो ये लोग अपने मंसूबों में कामयाब भी हो जाते। फ़िलहाल पूरी रिपोर्ट बनाकर सीडीओ को भेजी गयी है। क्यूंकि जिला स्तरीय समिति उनकी ही निगरानी में काम कर रही है।
इस प्रकार अब आठ मार्च को 151 जोड़ों की शादी नहीं हो पाएगी,अधिकारीयों के मुताबिक जिनका सत्यापन सही पाया जायेगा उनकी ही इस योजना में शादी कराई जायेगी। अब मार्च महीने में ही और आवेदन लेकर अगली तारीख पर सामूहिक शादी कराई जाएगी।
Published on:
07 Mar 2018 11:15 am
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