
मुरादाबाद। देश में दिन-ब-दिन तीन तलाक का मुद्दा गरमाता जा रहा है। इसे लेकर सरकार ने गुरुवार को लोकसभा में बिल भी पेश कर दिया। इसके बावजूद तीन तलाक का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला है मुरादाबाद का, जहां एक शौहर ने दहेज में कार नहीं देने पर अपनी बेगम को तलाक दे दिया है।
पांच महीने पहले हुई थी शादी
बताया जा रहा है कि नागफनी थानाक्षेत्र के दौलत बाग की रहने वाली वरीशा का निकाह 17 जुलाई 2017 को लालबाग के रहनेवाले शानुल हक से हुआ था। वरीशा के परिवार वालों ने अपनी हैसियत के मुताबिक दहेज भी दिया था। लेकिन, शादी के दो महीने के बाद ही वरीशा का पति और उसके ससुराल वाले उससे दहेज में एक कार और 10 लाख की मांग करते हुए उसे प्रताड़ित करने लगे। जिसका वरीशा ने विरोध भी किया। लेकिन, उससे ससुराल वालों का अत्याचार दिन-ब-दिन बढ़ता चला गया। आखिरकार वरीशा के पति शानुल ने 26 नवम्बर 2017 को दिन में 11 बजे तीन बार तलाक बोलकर उसे घर से निकाल दिया। इसके बाद पीड़िता ने अपने मायके वालों को सारी बातें बता दी। जिसके बाद परिजनों ने मामले को सुलझाने की काफी कोशिश की लेकिन कोई रास्ता नहीं निकला। अपनी बेटी की जिंदगी बर्बात होता देख वरीशा के परिजन ने शानुल और उसके परिवार वालों के खिलाफ दहेज उत्पीडन के आरोप में मुकदमा दर्ज करा दिया। पीड़िता का कहना है कि मुकदमा तो दर्ज है, लेकिन अब तक कोआ कार्रवाई नहीं हुई हैं।
नये कानून से जागी आस
लोकसभा में तीन तलाक पर बिल पास होने के बाद पीड़िता का कहना है कि मुकदमा तो दर्ज है लेकिन मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि अब नया कानून बन गया है, जिससे कुछ उम्मीद जागी है। उन्हें उम्मीद है कि नए कानून बनने से उन्हें न्याय मिलेगा। साथ ही और किसी की जिन्दगी इस तरह से बर्बाद नहीं होगी। फिलहाल, इस केस में धारा 498 A,420, दहेज उत्पीड़न अधिनियम की धारा 3 व 4 के तहत मामला दर्ज है।
Updated on:
29 Dec 2017 03:50 pm
Published on:
29 Dec 2017 03:03 pm
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