यहां बता दें कि पिछले दो सालों में कुत्तों के काटने से डेढ़ दर्जन से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है। मुरादाबाद जनपद के कुंदरकी थाना क्षेत्र स्थित काजीपुरा गांव में रहने वाले मजाहिर की सूनी आंखे उस दर्द को बयां कर जाती है, जो उनको कभी ना भूलने वाला जख्म दे गई है। ढेड़ साल पहले मजाहिर की मासूम बच्ची सोफिया को आवारा कुत्तों के झुंड ने घेर लिया और उसे बुरी तरह नोंच कर घायल कर दिया था। मजाहिर जब तक सोफिया को इलाज दिला पाते तब तक सोफिया ने दम तोड़ दिया।