मुरादाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने प्रयासों से भले ही संयुक्त राष्ट्र में पैरवी कर 21 जून को विश्व योग दिवस घोषित करा दिया हो, लेकिन अब इस पर सियासत भी तेज हो गई है। कुछ मुस्लिम संगठनों और गैर भाजपा दलों ने इसे अधार्मिक बताया है। जिस पर पूरे देश में एक अलग बहस जारी है। लेकिन, मुरादाबाद में एक मुस्लिम योग गुरु इस मिथक से अलग योग और नैचुरोपैथी से हजारों लोगों को ठीक कर चुकी है साथ ही अब इसके लिए जागरूकता अभियान भी चला रही हैं।
मजहबीं का है योग से नातामुरादाबाद में रामगंगा विहार में गंगा आरोग्य धाम संचालित कर रहीं डॉ. महजबीं परवीन आम मुस्लिम परिवारों के इस मिथक को तोड़ रही हैं। दरअसल, इनकी योग से जुड़ने की कहानी भी बड़ी ही मार्मिक है। 1999 में जब डॉ. परवीन को बाईं ओर पैरालाइसिस का अटैक पड़ा तो इनके परिजनों ने एम्स के साथ-साथ देशभर के नामी अस्पतालों के चक्कर काटे, लेकिन सभी जगह से निराशा ही हाथ लगी।
डॉक्टरों ने दे दिया था जवाबतभी डॉक्टरों ने यहां तक कह दिया कि इस लड़की की आवाज़ कभी वापस नहीं आ सकती है। फिर डॉ. परवीन के परिजनों ने गोरखपुर के योगा और नैचुरोपैथी सेंटर की जानकारी दी। इसके बाद डॉ. परवीन का वहां दो महीने से अधिक इलाज हुआ। जिसमें उन्हें काफी कुछ फायदा हुआ, उसके बाद परवीन ने घर आकर भी योग और नैचुरोपैथी नहीं छोड़ी और धीरे-धीरे उनकी आवाज वापस आ गई और वो एक साल के ट्रीटमेंट से स्वस्थ हो गईं। जो उनके परिवार के लिए और खुद उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं था।
दोबारा हुआ पैरालाइसिस, मुड़ गई गर्दनमजहबीं की कहानी यहीं नहीं रुकी। साल 2003 में फिर से उन्हें दाहिनी ओर पैरालाइसिस का अटैक पड़ा, लेकिन इस बार उनकी गर्दन भी पीछे मुड गई थी। चूंकि पहले की थैरेपी से परवीन ठीक हो चुकी थी। इसलिए इस बार खुद पर वही प्रयोग शुरू किए और जल्द ही ठीक हो गईं। शायद कुदरत भी महजबीं परवीन को योग के साथ जोड़ना चाहती थी। तभी 2011 में इनके पिता जमीर अहमद को पैरालाइसिस अटैक पड़ा। उन्हें भी डॉ. परवीन ने ठीक किया।
योग में शिक्षा प्राप्त कीडॉ मजहबीं परवीन ने इसके बाद गोरखपुर के सेंटर से योगा और नैचुरोपैथी में डिप्लोमा किया। साथ ही साथ वे कलकत्ता से अलटरनेटिव साइंस में एमबीबीएस भी किया। बाद में मुरादाबाद में अपना गंगा आरोग्य नाम से सेंटर शुरू किया।
मजहब में योग की मनाही नहींमुस्लिम धर्म और योग पर डॉ परवीन बड़ा ही तार्किक जबाब देती हैं। उनके मुताबिक मजहब में कहीं नहीं लिखा कि योग करना मनाही है। आप मंत्र न पढ़ें और क्रियाएँ पूरी करें। जो लोग इस पर सियासत कर रहे हैं उन्हें भी तो स्वस्थ रहना चाहिए, योग से सेहत मंद रहे जो पूरी दुनिया हो रही है।
पीएम मोदी का शुक्रिया अदा करती हैं परवीन डॉ. महजबीं परवीन पीएम मोदी का इसलिए भी शुक्रिया करती हैं कि उन्होंने इसे पूरी दुनिया में एक अलग पहचान दिलवाई और लोगों को पता चल सका कि इस भारतीय संस्कृति में कितनी महत्वपूर्ण चीजें हैं। योग पहले से हमारे देश में चला आ रहा है, लेकिन विश्व में आज इसकी पहचान मोदी जी ने जरुर पूरी की है।
वीडियो देखें...परिवार ने दिया पूरा सहयोगबहरहाल योग और प्राकृतिक चिकित्सा से लोगों के इलाज करने का जूनून डॉ महजबीं परवीन में जारी है और वे भविष्य में इसे एक बड़े आश्रम में तब्दील करना चाहती हैं। जहां गरीब और असहाय लोगों का इलाज किया जा सके। यही नहीं उनका परिवार भी मुस्लिम संस्कारों के साथ उनका सहयोग जारी रखे हैं। डॉ परवीन के मुताबिक उनके पिता जमीर उन्हें लगातार प्रेरित करते हैं। जिससे वे आज खुद तो उस स्थिति से बाहर आई हीं अब दूसरों में भी आत्मविश्वास भर रही हैं।