
सप्लाई इंस्पेक्टर की इस हरकत पर महिला आईएएस को आया गुस्सा,फिर दी ये सजा
मुरादाबाद: एक ओर केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की योगी सरकार स्वच्छ भारत मिशन को लेकर लगातार अभियान छेड़े हुए है। वहीँ कुछ अधिकारी इस स्वच्छ भारत अभियान की ही धज्जियां ही उड़ाने में लगे हुए हैं। जी हां कुछ ऐसा ही मामला आज सदर तहसील परिसर में सामने आया जब एक सप्लाई इंस्पेक्टर की करतूत देखकर एसडीएम भड़क गई और उन्होंने जमकर खरी-खोटी सुनाने के बाद सप्लाई इंस्पेक्टर का चालान कटवा कर जुर्माने की रकम सरकारी खजाने में जमा करवाई। तहसील दिवस समाप्त होते ही हुई इस घटना को लेकर कर्मचारियों में भी खूब चर्चा रही। उन्होंने सभी कर्मचारियों को इस बात को लेकर हिदायत भी दी।
नाराज हुईं एसडीएम
सदर तहसील में आज तहसील दिवस का आयोजन किया गया था। तहसील दिवस में एसडीएम सदर आईएएस अस्मिता लाल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ लोगों की समस्याओं को सुनती रही। तहसील दिवस समाप्त होते ही जब एसडीएम अस्मिता लाल सभागार से बाहर गाड़ी की तरफ बढ़ी तो उनका पारा अचानक बढ़ गया। तहसील परिसर की बाउंड्री के पास जिला पूर्ति कार्यालय में तैनात सप्लाई इंस्पेक्टर विजय कुमार टॉयलेट कर रहे थे। एसडीएम की नजर विजय कुमार पर पड़ी तो उन्होंने तुरंत सप्लाई इंस्पेक्टर को बुलाने के लिए फॉलोवर को भेजा। एसडीएम के सामने पेश हुए विजय कुमार को पहले तो एसडीएम ने जमकर खरी-खोटी सुनाई और फिर तहसीलदार को चालान काटने का हुक्म सुना दिया।
इंस्पेक्टर ने दी सफाई
सप्लाई इंस्पेक्टर तहसील में बने टॉयलेट के खराब होने का हवाला देते रहें लेकिन एसडीएम ने उनकी हरकत को अशोभनीय करार देते हुए दो सौ रुपये जुर्माना जमा करने का आदेश दिया। कुछ दिन पहले ही सदर तहशील को आईएसओ द्वारा प्रमाणित किया गया है। बावजूद उसके सरकारी कर्मी द्वारा खुले में टॉयलेट करना दर्शाता है कि सरकारी कर्मचारी सरकार के अभियानों को लेकर कितने गम्भीर है। दो सौ रुपये का अर्थदंड जमा करने के बाद एसडीएम ने दोषी विजय कुमार को भविष्य में इस तरह के व्यवहार को ना दोहराने की नसीहत दी।
इतने रूपये का लगा जुर्माना
तहसील परिसर में खुले में टॉयलेट करने के बाद अर्थदंड जमा करने की जानकारी मिलते ही कर्मचारियों में भी यह मामला चर्चा का विषय बना रहा। नायाब तहसीलदार सदर आदित्य विशाल के मुताबिक एसडीएम सदर द्वारा खुले में टॉयलेट करने वाले कर्मी विजय से अर्थदंड वसूलने के आदेश मिला था। जिसके बाद उनसे दो सौ रुपये जमा कराए गए है। नायाब तहसीलदार के मुताबिक इस तरह से जुर्माने की कार्रवाई से कर्मचारियों को भी सन्देश दिया जाएगा कि वह खुद भी सम्मानजनक आचरण पेश करें।
Published on:
17 Jul 2018 05:42 pm
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