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मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को लेकर आजम खान के खिलाफ एसआईटी ने शुरू की जांच

एसआईटी ने बयान दर्ज करने के लिए गवाहों को बुलाया

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Azam khan

मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को लेकर आजम खान के खिलाफ एसआईटी ने शुरू की जांच

रामपुर. मौलाना मोहम्मद अली जौहर शिक्षण एवं शोध संस्थान को तत्कालीन विभागीय मंत्री मोहम्मद आजम खान के निजी जौहर ट्रस्ट को लीज पर दिए जाने के संबंध में एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है। इस जांच को लेकर अब एसआईटी की टीम ने शिकायतकर्ता को बयान देने के लिए लखनऊ बुलाया है। इस मामले में वादी पूर्व मंत्री हाजी निसार हुसैन के पुत्र मुस्तफा हुसैन बयान दर्ज करवाने के लिए जल्द ही एसआईटी मुख्यालय जाएंगे। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के सिंचाई एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री सरदार बलदेव सिंह ओलख की संस्तुति पर शासन ने इस मामले में एसआईटी जांच के आदेश दिए थे। पत्रिका से हुई बातचीत में उन्होंने योगी सरकार के मंत्री बलदेव सिंह ओलक को शिकायती पत्र देकर एसआईटी जांच कराने की मांग की थी। उसी मांग को लेकर एसआईटी ने जांच शुरू करते हुए शिकायतकर्ता के बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

आरोप है कि उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग ने तत्कालीन विभागीय मंत्री मोहम्मद आजम खान के मौलाना मोहम्मद अली जोहर ट्रस्ट को मौलाना मोहम्मद अली जोहर प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान को नियम विरुद्ध तरीके से लीज पर दे दिया था। इसी मामले में सिकायत के बाद अब एसआईटी ने जांच शुरू कर दी गई है। इस संबंध में एसआईटी जांच अधिकारी और पुलिस उपाधीक्षक हौसला प्रसाद ने पूर्व मंत्री हाजी निसार हुसैन के पुत्र मुस्तफा हुसैन को बयान दर्ज करवाने के लिए एसआईटी मुख्यालय लखनऊ बुलाया है।

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यह है पूरा मामला

गौरतलब है कि पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण एवं सिंचाई राज्यमंत्री सरदार बलदेव सिंह ओलख को रामपुर जनपद के लोगों ने प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें मुख्य शिकायतकर्ता पूर्व मंत्री हाजी निसार हुसैन के पुत्र मुस्तफा हुसैन थे। शिकायत में आरोप लगाया था कि रामपुर में मौलाना मोहम्मद अली जोहर शिक्षण एवं शोध संस्थान को नियम विरुद्ध तरीके से उत्तर प्रदेश के तत्कालीन अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग के मंत्री मोहम्मद आजम खान के निजी सेवा ट्रस्ट को लीज पर दे दिया गया था। यह खुल्लमखुल्ला शासन के आदेशों का उल्लंघन है। शिकायत में यह भी कहा गया था कि जनपद रामपुर में उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक विभाग द्वारा करो रुपए की लागत से मौलाना मोहम्मद अली जौहर प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान की स्थापना वर्ष 2005-6 में की गई थी। उस वक्त ये दावा किया गया था कि इससे अल्पसंख्यक समुदाय के लिए आर्थिक, सामाजिक, शैक्षिक विकास की योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु शोध कार्य किया जाएगा। साथ ही उर्दू, अरबी, फारसी के क्षेत्र में सुधार और उच्च शिक्षा की व्यवस्था करने के साथ ही समस्त शासकीय अर्द्धशासकीय कर्मचारियों को उर्दू भाषा का प्रशिक्षण देने के उद्देश्य को लेकर इसकी स्थापना की गई थी। इसके लिए दिनांक 18 2006 से सरकार द्वारा 15 प्रकार के पद भी आयोजित किए गए थे। परंतु शासन को गुमराह कर शासनादेश और नियमों का उल्लंघन करते हुए उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग द्वारा अपने ही विभाग के पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान को निजी लाभ पहुंचाने की दृष्टि से उक्त प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान को उनके निजी ट्रस्ट मौलाना मोहम्मद अली जौहर से संबद्ध कर दिया गया। इसके बाद उस प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान को पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान के निजी ट्रस्ट को लीज डीड पर 100 रुपये प्रति सालाना किराए पर दे दिया गया। लीज डीड के पैरा नंबर 9 के अनुसार शोध संस्थान की भूमि और भवन के मूल स्वरुप में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं करने का जिक्र किया गया था, परंतु नियम विरुद्ध तरीके से पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान द्वारा उक्त प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान पर निजी रामपुर पब्लिक स्कूल खोलकर संचालित कर लिया गया है।

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उत्तर प्रदेश शासन ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अल्पसंख्यक कल्याण एवं सिंचाई राज्य मंत्री बलदेव सिंह ओलख की संस्तुति पर एसआईटी से जांच करवाने का आदेश दिया है। इसके बाद एसआईटी ने जांच शुरू करते हुए मुख्य सिकायत कर्ता पूर्व मंत्री हाजी निसार हुसैन के पुत्र मुस्तफा हुसैन को पत्र लिखकर उपरोक्त मामले में बयान दर्ज करवाने के लिए मुख्यालय बुलाया है। साथ ही अन्य शिकायतकर्ताओं को भी बयान दर्ज करवाने के लिए कहा गया है।