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योगी सरकार के किसानों के भुगतान के दावे फेल,यहां मिलें किसानों के दबाये बैठीं करोड़ों

मंडल भर के गन्ना किसानों की है,जिनके 983.80 करोड़ व ब्याज का 9.56 करोड़ रुपये चीनी मिलें दबाएं बैठी हैं।

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moradabad

मुरादाबाद: योगी सरकार भले ही सूबे में किसानों के हितों की प्राथमिकता की बात करती हो। लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है। जी हां कुछ ऐसी ही तस्वीर मंडल भर के गन्ना किसानों की है,जिनके 983.80 करोड़ व ब्याज का 9.56 करोड़ रुपये चीनी मिलें दबाएं बैठी हैं। जिस कारण किसानों के सामने रोजी रोटी का भी संकट पैदा हो गया है। जबकि जिम्मेदार गन्ना विभाग सिवाय कागजी कार्यवाही से कुछ ज्यादा कर नहीं पाया।

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गन्ना उपायुक्त राजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि चीनी मिलों के खिलाफ शासन से पत्राचार किया गया है। जल्द ही इनके खिलाफ आर सी जारी की जाएगी। इसके अलावा कोई संतोष जनक उत्तर उनसे नहीं मिला। वहीँ किसान नेता ऋषिपाल सिंह का कहना है कि चीनी मिलों को सरकारों का सरंक्षण मिला हुआ है। जिस कारण मिल प्रबन्धन किसानों के खून पसीने की कमाई दबाये बैठे हैं। जबकि अधिकारी कार्यवाई करने के बजाये सिर्फ और सिर्फ कागजी दावे करते हैं। अगर वाकई कार्यवाई होती तो ये तस्वीर नहीं होती।

मंडल में गन्ने की स्थिति

गन्ना पेराई 1754.15 लाख कुंतल

चीनी उत्पादन 198.01 लाख कुंतल

चीनी परता- 11.29 फीसद

चीनी मिलों पर बकाये की स्थिति

धामपुर 40.85

स्योहारा 40.93

बिलाई 140.41

बहादरपुर 24.08

बरकातपुर 46.30

बुंदकी 24.61

चांदपुर 40.611

बिजनौर 15.98

धनौरा 41.63

चंदनपुर 28.85

गजरौला 16.68

बेलवाड़ा 90.47

रानीनागल 26.86

बिलारी 55.95

अगवानपुर 109.28

असमोली 37.31

रजपुरा 32.02

मझावली 38.11

मि.नरायनपुर 23.96

करीम गंज 95.96

बिलासपुर 21.10

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मंडल में तकरीबन छह लाख किसान चीनी मिलों से जुड़े हैं। जिनसे उनकी रोजी रोटी जुडी है। मौजूदा पेराई सत्र में मंडल की कुल छह मिलें ही ऐसी हैं जिन्होंने 28 फरवरी, 2018 तक का भुगतान किया है। अन्य मिलें 20-24 जनवरी तक का भुगतान कर पाई हैं। वहीँ बकाएदार चीनी मिलों के खिलाफ कार्रवाई न करने से भी किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है।

किसान नेताओं का कहना है कि प्रदेश सरकार ने किसानों से किये कोई भी वाडे पूरे नहीं किये। गन्ना किसानों का भुगतान महज 14 दिन में कराने का दावा किया गया था। जो हवा हवाई ही साबित हो रहा है।