
मुरादाबाद:शहर के मझोला थाना क्षेत्र में आज उस समय हडकंप मच गया जब यहां के लाकड़ीफाजलपुर इलाके में एक तालाब की हजारों मछलियां मर गयीं। अचानक तालाब में मछलियां मरने से तालाब में मछली पालने वालों में अफरा तफरी मच गयी.तालाब पर पहुंचे तो ज्यादातर मछलियां मर चुकी थी। जिससे मछली पालने वाले खासा नाराज दिखे। इसकी सूचना प्रदूषण विभाग के साथ ही स्थानीय विभाग को दी गयी। मछली पालकों ने इसके लिए फैक्ट्रियों का गंदा पानी को जिम्मेदार बताया है। अधिकारीयों ने जांच कर कार्यवाही की बात कही है।
लाकड़ीफाजल पुर के रहने वाले यादराम और हुकुम सिंह का तालाब है। जिसमें दोनों आजीविका के लिए मछली पालन करते हैं। लेकिन आज सुबह अचानक तालाब से मछलियां मारकर ऊपर तैरने लगीं। स्थानीय लोगों की सूचना पर दोनों मौके पर पहुंचे। इनके मुताबिक यहां स्थित ब्रास फैक्ट्रियों से निकले कैमिकल से मछलियों की मौत हुई है। वे कई बार इसकी शिकायत भी कर चुके हैं। लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। फैक्ट्री संचालक बिना शोधन के ही अपना केमिकल युक्त पानी नालों और तालाबों में छोड़ देते हैं। दोनों के मुताबिक उनका डेढ़ से दो लाख का नुक्सान हुआ है।
इस मामले की जानकारी प्रदूषण विभाग के साथ ही स्थानीय प्रशासन को भी दी गयी। जिस पर सिटी मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह ने जांच कर कार्यवाही की बात कही है। जबकि प्रदूषण विभाग ने शिकायत आने पर सैम्पल लेकर जांच की बात कही है।
यहां बता दें कि इससे पहले भी फैक्ट्रियों से निकलने वाले केमिकल से रामगंगा नदी में भी हजारों मछलियां मर गयीं थी। तब भी फैक्ट्री संचालकों पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। जबकि प्रदूषण विभाग को फैक्ट्री से निकलने वाले केमिकलों पर रोक लगाने के लिए एनजीटी भी नोटिस दे चुका है। लेकिन बावजूद इसके फैक्ट्रियों द्वारा बिना शोधन के ही अपनी फैक्ट्रियों का पानी नालों और नदियों में डाला जा रहा है। जिससे न सिर्फ जलीय जीवों की ही मौत हो रही है। बल्कि जलीय वनस्पति को भी नुक्सान हो रहा है।
Published on:
18 Jan 2018 09:16 pm
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