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DM आवास के सामने बेहोश होने पर भी IFTI छात्रा को नसीब नहीं हुई इमर्जेंसी एंबुलेंस-देखें वीडियो

DM आवास पर तैनात दोनों होमगार्डों ने कई बार अपने-2 सेल फोन से इमरजेंसी एंबुलेंस सेवा का 102 व 108 नंबर डायल किया, लेकिन उन्हें कोई रिस्पांस नहीं मिला।

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IFTI Student

रामपुर। जिला अधिकारी आवास के ठीक सामने मुरादाबाद आईएफटीआई यूनिवर्सिटी की एक छात्रा मंगलवार को जब बस से उतरी तो दो कदम चलने के बाद वह हाइवे पर गिर गई। इस दौरान डीएम आवास पर ड्यूटी कर रहे होमगार्ड जवानों ने तत्काल छात्रा को उठाया और साइड में पड़ी एक बेंच पर बिठा लिया, लेकिन छात्रा इतनी बेहोश थी कि सम्भल नहीं पा रही थी।

दोनों होमगार्ड लगाते रहे फोन
दोनों होमगार्ड जवानों ने कई बार अपने-अपने सेल फोन से इमरजेंसी एंबुलेंस सेवा का 102 और 108 नंबर डायल किया, लेकिन उन्हें कोई रिस्पांस नहीं मिला। इसी दौरान एक पर्दानशी महिला हाथ में पानी की बोतल लेकर वहां से निकल रही थी जब उसने पानी के छींटे छात्रा की आंखों पर लगाए तब जाकर उसे होश आया। घटना की जानकारी पर अचानक डीएम साहब गेट पर आ गए, लेकिन तब तक लड़की को बेहोशी की हालत में आधा घंटे से ज्यादा समय बीत चुका था। बावजूद इसके डीएम के सुरक्षाकर्मियों को भी छात्रा के लिए आपातकालीन एंबुलेंस सेवा नहीं मिली जिसके लिए वो कॉल कर रहे थे।

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अपनी ही यूनिवर्सिटी बस का मिला सहारा
यहां व्यवस्था पर सवाल उठाना इसलिए लाजिमी हो जाता है कि जब डीएम आवास पर भी 30 मिनट में एम्बुलेंस नहीं उपलब्ध हुई तो फिर बाकी क्षेत्रों में इसकी क्या स्थिति होगी? तकरीबन आधे घंटे बाद छात्रा को थोड़ा होश आया तब तक IFTI यूनिवर्सिटी की दूसरी बस जहां छात्रा पढ़ती है आ गई। जैसे ही छात्र बस से उतरे और छात्रा को अपनी यूनिवर्सिटी की ड्रेस पहने देखकर वहां रुके। फिर वे उसी बस में बिठाकर छात्रा को ले गए। छात्रा भी ज्यादा कुछ नहीं बता पाई क्योंकि उसकी हालत एक दम ठीक नहीं थी।

तीन दिन पहले हुई थी पिता की मौत
यूनिवर्सटी के छात्रों ने बताया कि इस छात्रा के पिता की मौत तीन दिन पहले हुई है। उनके सदमे को लेकर यह चक्कर खाकर गिरी होगी। हम इसे जानते हैं। इसे घर तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है, लेकिन यहां पर जिनकी ड्यूटी है उन्होंने लड़की का नाम और पता भी नोट नहीं किया। घटना की जानकारी कोतवाल आशीष शुक्ला को भी मीडिया कर्मियों द्वारा हुई।

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क्या बोले सीएमओ
घटना की जानकारी पर जिले के सीएमओ सुबोध कुमार ने कहा कि समय और घटना की जानकारी लगाने के बाद मैं संबंधित संस्था को लेटर लिखूंगा। अगर वहां से संतोष जनक जवाब नहीं मिला तो में उन पर बड़ी कार्रवाई करूंगा। सीएमओ बोले कि एक निजी संस्था इस एंबुलेंस व्यवस्था को देखती है। आखिर कॉल क्यों नहीं लगी इस बात की भी जांच कराई जाएगी।