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नियमों की अनदेखी पर जिला अस्पताल पर 26 लाख का जुर्माना, जानिए क्या है पूरा मामला

Highlights नोटिस के बाद भी नहीं लगा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट एनजीटी की टीम ने किया था निरीक्षण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लगाया भारी जुर्माना

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मुरादाबाद: सिविल लाइन स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय पर एनजीटी की गाज गिरी है। यहां वाटर ट्रीटमेंट प्लांट नोटिस के बाद भी न लगाने पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 26 लाख से अधिक का जुर्माना लगाया है। इसमें पुरुष व महिला अस्पताला दोनों शामिल हैं। पिछले दिनों टीम ने निरीक्षण भी किया था। जिसके बाद ये जुर्माना लगाया गया है।

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ये मिलीं कमियां

क्षेत्रीय अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि दोनों अस्पतालों को दो जुलाई को जल व वायु प्रदूषण के लिए सहमति पत्र लेने को नोटिस भेजा गया था। लेकिन इकाईयों ने आवेदन नहीं किया। इसके बाद 12 सितंबर को किए गए निरीक्षण में जिला अस्पताल महिला में उत्प्रवाह शुद्धिकरण की व्यवस्था नहीं पाई गई। अशुद्धिकृत उत्प्रवाह के नमून में बीओडी की मात्रा 54 मिग्रा प्रति लीटर, सीओडी 280 मिग्रा प्रति लीटर, टीएसएस 114 मिग्रा प्रति लीटर पाए गए, जोकि बोर्ड द्वारा निर्धारित मानकों से अधिक है। पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के लिए 1343750 रुपये अर्थदंड की संस्तुति मांगी है। वहीं, जिला अस्पताल पुरुष में भी 12 सितंबर को निरीक्षण में अशुद्धिकृत उत्प्रवाह के नमूने में बीओडी की मात्रा 62 मिग्रा प्रति लीटर, सीओडी 288 मिग्रा प्रति लीटर, टीएसएस 128 मिग्रा प्रति लीटर पाया गया, जो निर्धारित मानकों से अधिक है। पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के लिए 1343750 रुपये जुर्माना लगाने संस्तुति भेजी है।