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कूलर और AC जाइए भूल, मौसम रहेगा सुपरकुल, यूपी में गर्जना के साथ हो सकती है बारिश, जानें अपने जिले का हाल

उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर अपना रंग दिखा सकता है। यूपी के 60 जिलों में गर्मी बढ़ने से अगले तीन द‍िनों का बार‍िश का अलर्ट जारी क‍िया गया है। वहीं नए पश्चिमी विक्षोभ के दस्‍तक देने से हवा में ठंडी हुई है।

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मौसम विभाग ने बीते कल यूपी के 60 जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया था। मौसम विभाग के वेबसाइट पर मौजूद आंकड़ों के अनुसार आज यूपी के पश्चिमी जिलों में तूफान के साथ बारिश हो सकती है। वहीं, धूल के साथ आंधी भी आने की संभावना है।


यूपी के अवध क्षेत्र और पूर्वाञ्चल के लिए मौसम विभाग ने कोई अलर्ट जारी नहीं किया है। यानी इन क्षेत्रों में मौसम पहले की तरह ही बना रहेगा।

आपने मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट, येलो अलर्ट और रेड अलर्ट के तो नाम सुने ही होंगे। क्या आप जानते हैं कि इसका मतलब क्या होता है और यह कब जारी किया जाता है? आइए आपको डिटेल में बताते हैं…

मौसम विभाग कुल चार तरह के अलर्ट जारी करता है उसके मतलब भी अलग-अलग होते हैं।


सबसे पहले येलो अलर्ट को जानते हैं

खराब मौसम की आने वाले स्थिति को बताने के लिए मौसम विभाग की ओर से येलो अलर्ट जारी किया जाता है। यह एक तरह से डेंजर साइन यानी खतरे की घंटी होती है। ये जस्‍ट वॉच का सिग्‍नल है यानी मौजूदा स्थिति में बेशक खतरा नहीं है, लेकिन कभी भी मौसम की खतरनाक स्थिति आपके सामने आ सकती है, इसके लिए आप कमर कस लें और तैयार रहें।

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येलो अलर्ट से डेंजर है ऑरेंज अलर्ट


ऑरेंज अलर्ट येलो अलर्ट से एक स्टेप आगे की खतरे वाला सिग्नल है। इसका साफ मतलब है कि खतरे ने दस्‍तक दे दी है। आपको अब किसी तरह की लापरवाही नहीं करनी चाहिए। इसके बाद कभी भी मौसम की खतरनाक स्थिति आपके सामने आ सकती है।

ऐसे में आप खुद को उस स्थिति से निपटने के लिए तैयार कर लें और सीट बेल्ट बांध लें। ऑरेंज अलर्ट जारी होने पर संबंधित अधिकारियों को तैयार रहने को कहा जाता है और लोगों को बेमतलब घूमने निकलने के लिए जाने पर सावधानी बरतने के लिए कहा जाता है।

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जानमाल के ज्यादा नुकसान की स्थिति में जारी किया जाता है रेड अलर्ट


मौसम जब बहुत ज्‍यादा खराब हो और इसके कारण नुकसान होने की आशंका ज्यादा होती है, तब मौसम विभाग की तरफ से रेड अलर्ट जारी किया जाता है। यह खतरनाक मौसम की स्थिति का साइन होता है।

रेड अलर्ट लोगों को सावधान करने के लिए जारी किया जाता है कि अब आपको अपनी सुरक्षा का ध्यान रखते हुए सभी नियमों को मानना चाहिए। मानसून में रेड अलर्ट का मतलब बारिश, तूफान और चक्रवात की खतरनाक स्थिति से होता है।

रेड अलर्ट के बाद लोगों को बिलकुल सावधान रहना चाहिए। रेड अलर्ट के स्थिति में आपको प्राकृतिक आपदा से बचने के लिए अपने स्तर पर सभी तैयारी कर लेनी चाहिए।

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ऑल इज वेल मतलब ग्रीन अलर्ट

जब मौसम एकदम चकाचक यानी आल इज वेल हो तब ग्रीन अलर्ट जारी किया जाता है। इसका सीधा मतलब है कि मौसम एकदम क्‍लीयर है और टेंशन यानी दिमाग पर ज्यादा लोड लेने की जरूरत नहीं है। आप खुद को सेफ मानें और चिल करें।