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रोज बने 14 हजार कार्ड तो होगा लक्ष्य पूरा

बनने हैं 10.18 लाख आयुष्मान कार्ड, अब तक बने 4.2 लाख

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रोज बने 14 हजार कार्ड तो होगा लक्ष्य पूरा

रोज बने 14 हजार कार्ड तो होगा लक्ष्य पूरा

मुरैना. पांच लाख रुपए तक के सालाना मुफ्त उपचार के लिए जारी किए जा रहे आयुष्मान कार्ड बनाने में जिले के अधिकारी रुचि नहीं ले रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से कार्ड बनाए जाने हैं, लेकिन अब तक 10.18 लाख से अधिक के लक्ष्य के विरुद्ध महज 4.2 लाख से अधिक कार्ड बन पाए हैं। डेढ़ माह में छह लाख से अधिक कार्ड कैसे बनेंगे, इसका जवाब अधिकारियों के पास नहीं है।

आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए 31 मार्च 2021 तक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कलेक्टर बी कार्तिकेयन ने आयुष्मान भारत कार्ड की समीक्षा की, तो निराशाजनक स्थिति मिली। जिले में पात्रता के आधार पर 10 लाख 18 हजार 478 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने हैं। लेकिन बार-बार चेताने के बावजूद अब तक चार लाख दो हजार, 888 आयुष्मान कार्ड ही बन पाए हैं। फरवरी के 13 दिन और मार्च के 31 दिन सहित कुल 44 दिन में शेष छह लाख 15 हजार 590 लोगों के कार्ड बनाना संभव है।

आयुष्मान कार्ड का लाभ सभी पात्र परिवारों को मिल इसके लिए 280 लोगों की टीम लगाई गई है। सभी लोग रोज 50-50 कार्ड बनाएंगे तब एक दिन में 14 हजार कार्ड बनेंगे और 31 मार्च तक लक्ष्य पूरा हो जाएगा, लेकिन यह व्यवस्था संभव नहीं दिख रही।

82 प्रतिशत पुलिस ने लगवाया कारोना टीका

कोरोना का टीका लगवाने में पुलिस विभाग ने बाजी मारी है। दूसरे चरण में किए जा रहे वैक्सीनेशन में पुलिस के 82 प्रतिशत अधिकारी, कर्मचारियों ने टीके लगवाए, जबकि राजस्व विभाग के 49 प्रतिशत ही अधिकारी व कर्मचारियो ने टीके लगवाए हैं। ग्रामीण विकास विभाग ने भी 73 प्रतिशत टीके लगवाए हैं। नगर निगम में कोरोना वैक्सीन का कवरेज 50 प्रतिशत हो पाया है। दूसरे चरण का टीककारण 17 व 19 फरवरी को और होगा। ब"ाों के टीकाकरण पर भी स्थिति ठीक नहीं है। कैलारस में 85, पहाडग़ढ़ में 82, मुरैना में 79 प्रतिशत ब"ाों का टीकाकरण हुआ है।

महिलाओं के लिए घर पहुंचाया जाएगा राशन

जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली से राशन प्राप्त करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 2.21 लाख 184 है। लेकिन बहुत सी महिलाएं राशन लेने दुकान पर नहीं आती हैं। ऐसी महिलाओं की सूची बनाई जाएगी और राशन उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।

74 प्रतिशत ही बंट पाईं राशन के लिए पात्रता पर्चियां

पात्रता पर्चियों के वितरण की प्रगति रिपोर्ट महज 74 प्रतिशत पाए जाने पर जिला आपूर्ति अधिकारी को नोटिस दिया गया है। तीन दिन का वेतन काटा जाएगा। वहीं समस्त कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों का वेतन रोका गया है। यह कार्रवाई टीएल बैठक के दौरान की गई। इस दौरान यह बात भी सामने आई कि निर्माण कार्य न होने से 34 में से आठ आंगनबाडिय़ों का पैसा वापस जा चुका है। हालांकि 26 के लिए स्थल चयन की प्रक्रिया जारी है।