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मुरैना। चंबल नदी में अब 2344 घड़ियालों का कुनबा हो जाएगा। देवरी घड़ियाल केन्द्र में पाले गए 230 घड़ियालों को इस माह के अंतिम सप्ताह में चंबल नदी में छोड़ा जाएगा। इनमें से 50 घड़ियाल श्योपुर के कूनों के पास चंबल नदी और 180 घड़ियाल मुरैना-धौलपुर के बीच चंबल नदी के राजघाट पर छोड़े जाएंगे। घड़ियाल केन्द्र पर वर्तमान में 350 घड़ियाल पल रहे हैं। इनमें से ऐसे घड़ियाल जिनको ढाई से तीन साल हो गई और उनका साइज लंबाई में 120 सेमी का हो चुका है उन्हें रिलीज की तैयारी कर ली गई है। हालांकि पिछले साल की तुलना में इस बार 130 घड़ियाल अधिक छोड़े जा रहे हैं। साल 2021 के अंत में करीब 100 घड़ियालों को छोड़ा गया था। यहां बता दें कि चंबल नदी के किनारे रेत में मादा घड़ियाल अंडे देती हैं।
उनमें से हर साल 200 अंडे कलेक्ट किए जाते हैं और इनको देवरी घड़ियाल केन्द्र पर उचित तापमान पर रखा जाता है। मई से जून महीने के बीच अंडों से बच्चे बाहर आते हैं। उनका ढाई से तीन साल तक केन्द्र पर पालन पोषण किया जाता है। जैसे ही इनकी लंबाई 120 सेमी की हो जाती है तब इनको चंबल नदी में छोड़ दिया जाता है।
ढाई साल पालते हैं
ज्योति डंडोतिया, केयर टेकर, देवरी घड़ियाल केन्द्र, मुरैना का कहना है कि हर साल मई महीने में चंबल नदी के किनारे रेत से 200 अंडे कलेक्ट किए जाते हैं। उनकी हेचिंग करके मई से जून महीने के बीच अंडों से बच्चे बाहर निकाले जाते हैं। 120 सेमी का साइज होने पर उनको चंबल में रिलीज कर दिया जाता है।
स्वरूप दीक्षित, डीएफओ, मुरैना का कहना है कि दिसंबर के अंतिम सप्ताह में 230 घड़ियालों को चंबल में रिलीज किया जाएगा। इनमें से 50 श्योपुर के कूनों और 180 चंबल नदी के राजघाट पर छोड़े जाएंगे।
ये भी जानिए
-100 घड़ियालों को छोड़ा गया था वर्ष 2021 में
-03 साल तक पाला जाता है देवरी केन्द्र पर।
Published on:
08 Dec 2022 03:58 pm
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