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सबसे बड़े भंडारे में आए 1.25 लाख लोग, 50 गांवों के 500 क्विंटल दूध से बनी खीर

करह आश्रम पर सियपिय मिलन समारोह में उमड़ी श्रद्धालुओं की अपार भीड़, लाखों लोगों ने पाया भंडारे में प्रसाद

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करह आश्रम पर सियपिय मिलन समारोह

मुरैना. अंचल के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल करह आश्रम पटिया वाले बाबा के स्थान पर लाखों लोग उमड़े. यहां रामरतन दास महाराज की बरसी के उपलक्ष्य में सिय पिय मिलन समारोह का आयोजन किया गया। आठ दिन तक अनुष्ठान, भजन कीर्तन और रासलीला के साथ संत महात्माओं के प्रवचन भी चलते रहे। अंतिम दिन रासलीला में मयूर नृत्य प्रस्तुत किया गया। खास बात यह है भंडारे में लाखों लोगों ने भोजन किया.

बताया जा रहा है कि समारोह के अंतिम दिन सोमवार को देर रात तक लगभग 1.25 लाख लोगों ने भंडारे में प्रसादी ग्रहण की। यहां पिछले आठ दिन से रोजाना लाखों श्रद्धालु मंदिर पर दर्शन करने पहुंचे और नित भंडारे में प्रसाद पाया। मंदिर परिसर में ठहरे तमाम संत महात्मा भी इस धार्मिक आयोजन के साक्षी बने। कार्यक्रमों में लाखों लोग शामिल होते रहे। मंदिर में चल रही अखंड रामधुन व परिक्रमा में भी भीड़ उमड़ती रही।

84 गांव के लोगों पर थी भंडारे की व्यवस्था
कार्यक्रम में भंडारे की व्यवस्था की जिले के करीब 84 गांवों की जिम्मेदारी थी। महावीर दास महाराज ने बताया कि गांवों की कई टोली बनाई गई जिन्हें खीर, सब्जी, मालपूआ, पानी, बूंदी की अलग अलग परोसने की व्यवस्था की गई। मान सिंह भगत ने बताया कि पिछले आठ दिन से अंचल के ग्रामीण अपने सारे काम छोडक़र करह आश्रम की सेवा में ही लगे रहे हैं।

सरयू के जल से कर रहे हैं स्नान
मंदिर परिसर में एक प्राचीन कुंड हैं जो कुंआ का रूप ले चुका है। इसे सरयू के नाम से जाता है। मान्यता है कि इस सरयू के जल से स्नान करने से श्वान काटने का इलाज होता है। वहीं कहा जाता है कि पटिया वाले बाबा के समय भंडारे में घी की कमी पड़ गई थी. उस समय बाबा रतनदास महाराज ने सरयू के जल कढ़ाई में डालकर मालपूआ सिकवाए थे. इसके बाद जितना जल लिया था, उतना ही घी उस सरयू में डाला गया था।

50 गांव का दूध पहुंचा भंडारे में
मुरैना जिले के करह आश्रम से जुड़े सुमावली, नूराबाद, बानमोर, रिठौरा क्षेत्र सहित अन्य क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों का दूध टैंकरों के माध्यम से करह आश्रम पर पहुंचा। भंडारे के लिए किसी ने दूध को बेचा नहीं। पूरा दूध भंडारे में ही शामिल किया गया।

भंडारा बनाने में लगी सामग्री की मात्रा
1000 क्विंटल आलू की सब्जी
500 क्विंटल दूध खीर में।
100 क्विंटल चावल खीर में।
40 क्विंटल शक्कर बूंदी में।
100 क्विंटल बेसन बूूूंदी में।
1100 क्विंटल आटा लगा मालपूए में।
4000 टीन घी मालपूआ में।
550 क्विंटल गुड़ लगा मालपूआ में।
100 टीन तेल लगा भंडारे में।