27 मार्च 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

समर्थन मूल्य खरीद केंद्र पर अव्यवस्थाओं से फिर आक्रोशित हुए किसान, जाम लगाकर की ये मांग

-मुरैना में समर्थन मूल्य खरीद केंद्रों पर अव्यवस्थाओं से आक्रोश में किसान-नाराज किसानों ने बरेह में फिर लगाया जाम-किसानों को शांत कराने मौके पर पहुंची पुलिस-खरीदी न होने पर त्योहार के दिन घर भी नहीं जा सके किसान -एक किसान की तबियत भी बिगड़ी

2 min read
Google source verification
news

समर्थन मूल्य खरीद केंद्र पर अव्यवस्थाओं से फिर आक्रोशित हुए किसान, जाम लगाकर की ये मांग

मुरैना/ मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य खरीदी केंद्र पर अव्यवस्थाओं का नाराज़ एक बार फिर देखने को मिला। घटना मुरैना जिले के अंबाह से सटे बरेह गांव की है, जहां समय पर खरीदी केन्द्रों पर समय पर किसानों की फसल खरीदी न होने से नाराज हुए किसानों ने एक बार फिर सड़क पर जाम लगा दिया। जाम करीब चार घंटे तक लगा रहा, जिसके चलते सड़क की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई। इस दौरान मौके पर पहुंची पुलिस ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित किसानों ने पुलिस की एक न मानी और जिला प्रशासन के खिलाफ नारे बाजी करते रहे।

पढ़े ये खास खबर- अस्पताल के मेडिकल में लगी भीषण आग, लाखों की दवाएं जलकर खाक, देखें वीडियो


देखें खबर से संबंधित वीडियो...

अंबाह थाना प्रभारी ने दी किसानों को समझाइश

हालात को देखते हुए अंबाह थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह जादौन मौके पर पहुंचे और किसानों से चर्चा कर उन्हें समझाइश देने का प्रयास किया। मौके पर जल उपभोक्ता संथा संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह तोमर ने बताया कि, एसडीएम राजीव समाधिया से बात की तो वे मुख्यालय से बाहर थे। लेकिन उन्होंने मौके पर तहसीलदार को भेजकर किसानों के लिए अतिरिक्त कांटे लगवाने और आधा दर्जन खरीद केंद्र बढ़वाने का प्रस्ताव भेजने की जानकारी दी।

पढ़े ये खास खबर- चित्रकूट में ऐतिहासिक दीपदान मेला, श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी,ये रहा मुख्य आकर्षण का केन्द्र


किसानों की मांग

आक्रोशित किसानों की मांग थी कि, इलाके में खरीदी केंद्रों की संख्या 20 की जानी चाहिए। पहले से 11 केंद्र काम कर रहे हैं और 5 का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। किसानों का कहना है कि, 12 नवंबर को एसएमएस आने के बाद 15 नवंबर की रात तक तौल नहीं हो सका है। वहीं, रात को बारिश होने से कुछ किसानो का अनाज भी भीग गया है।कुछ किसान तो वापस लौट गए, जबकि एक बुजुर्ग किसान की सर्दी लगने से तबियत खराब हो गई, जिसे पर्याप्त उपचार भी नहीं मिल पा रहा है।