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बेटे के बाद पूर्व मंत्री रूस्तम सिंह ने भी छोड़ी भाजपा, बसपा में शामिल

मध्यप्रदेश के पूर्व आइपीएस और मंत्री रह चुके रुस्तम सिंह टिकट नहीं मिलने से खफा थे...।

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मध्यप्रदेश में अगले माह होने वाले चुनाव से पहले भाजपा में सबकुछ ठीक नहीं है। रिटायर्ड आईपीएस और पूर्व मंत्री रुस्तम सिंह ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया। भाजपा से नाराज रुस्तम सिंह के बेटे राकेश सिंह ने भी हाल ही में बसपा ज्वाइन की है और वे चुनाव लड़ रहे हैं। गौरतलब है कि रुस्तम सिंह भाजपा के बड़े नेता माने जाते हैं।

मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री रुस्तम सिंह ने भाजपा को बड़ा झटका दे दिया है। उनके बेटे राकेश सिंह के बाद वे खुद भी बसपा में चले गए हैं। चंबल अंचल के रुस्तम सिंह ने अपने सभी पदों के साथ भाजपा से इस्तीफा दे दिया है। उल्लेखनीय है कि रुस्तम भाजपा में गुर्जर नेता थे और आईजी के पद से रिटायरमेंट लेकर भाजपा में शामिल हुए थे। टिकट वितरण से नाराज रुस्तम सिंह 2003 से 2018 तक चार बार भाजपा ने उन्हें विधानसभा का टिकट दिया था। इनमें से वे वर्ष 2003 और वर्ष 2013 में चुनाव जीते थे। जबकि 2008 और 2018 का चुनाव हार गए थे। भाजपा सरकार में रुस्तम सिंह खेल, स्वास्थ्य, खाद्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री रह चुके हैं।


रुस्तम सिंह और उनके बेटे राकेश सिंह भाजपा से टिकट मिलने की उम्मीद लगाए बैठे थे। उन्हें पार्टी ने टिकट नहीं दिया तो दो दिन पहले ही राकेश सिंह बसपा में शामिल हो गए। बसपा की ओर से राकेश सिंह मुरैना विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में भी उतर गए हैं। इनके अलावा भाजपा उन पर कोई कार्रवाई करती, इससे पहले ही रुस्तम सिंह ने भी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। रुस्तम सिंह ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के नाम त्याग पत्र भेजा है।

इस्तीफा देने के बाद सोमवार को बसपा ज्वाइन करते ही रुस्तम सिंह का बयान सामने आया है। उन्होंने बताया कि वे पार्टी में उपेक्षा का शिकार हो रहे थे। रुस्तम सिंह ने कहा कि शिवराज सिंह ने सबकुछ दिया है, लेकिन भाजपा के सीनियर नेता मेरे काम की तारीफी तो करते हैं, लेकिन मंच से मेरा नाम लेने में उनकी जुबां में दर्द होने लगता था।