
मुरैना। गुरुपूर्णिमा के मौके पर इस बार देशभर से पांच करोड़ लोगों के पहुंचने का अनुमान है। मथुरा में इस बार ज्यादा लोगों के पहुंचने की उम्मीद इसलिए भी है क्योंकि कोरोनाकाल के बाद लोगों को परिक्रमा का मौका मिला है। दो वर्ष बाद मध्यप्रदेश से भी बड़ी संख्या में लोग मथुरा पहुंच रहे हैं। वहां जाने के लिए ट्रेन, बसों में जगह नहीं बची है। मुरैना क्षेत्र से जाने वालों का भी सैलाब उमड़ पड़ा है। एक अनुमान के मुताबिक हर दिन प्रदेश से पचास हजार से अधिक यात्री मथुरा के लिए रवाना हो रहे हैं।
गुरुपूर्णिमा से पहले ही गोवर्धन परिक्रमा के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। ट्रेन, बस, निजी साधन एवं पैदल यात्रा कर रोज लाखों श्रद्धालु जा रहे हैं। रविवार को रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक दो व तीन पर दिन भर भक्तों की भीड़ बनी रही। इस बार मुरैना जिले से गोवर्धन परिक्रमा के लिए गुरुपूर्णिमा पर दो लाख से ज्यादा लोगों के जाने की उम्मीद है। बताया जाता है कि गोवर्दन गिरिराज महाराज के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं में देश-विदेश के अलावा मध्यप्रदेश से बड़ी संख्या में लोग जाते हैं। कई श्रद्धालु पैदल ही यात्रा पर जा रहे हैं।
ट्रेन बसों में उमड़ी भीड़
ट्रेन और बस के मुख्य मार्ग पर होने और यहां नजदीक होने से भक्तों की संख्या अधिक रहती है। हर माह शुक्ल पक्ष की दौज से पूर्णिमा के बीच परिक्रमा करने वाले अनिल शर्मा का कहना है कि इस बार पूर्णिमा से तीन दिन पहले ही जा रहे हैं, क्योंकि कोरोना काल में दो बार की पूर्णिमा को भक्त गोवर्धन पूजा और परिक्रमा को नहीं जा पाए थे। ट्रेन में इतनी भीड़ हो रही है कि बोगी में सवार होने के लिए मारामारी हो रही है। कई लोग तो रिस्क उठाकर प्लेटफॉर्म छोड़कर पटरियों के बीच ट्रेन की दूसरी ओर पहुंच जाते हैं, ताकि आसानी से सवार हो सकें। अगले तीन दिन में यह भीड़ और बढ़ने वाली है। महिला श्रद्धालु नर्मदा देवी का कहना था कि पिछले 15 साल से वह हर गुरुपूर्णिमा पर पूजा और परिक्रमा के लिए एअनवरत जा रही थी, लेकिन कोरोना काल में नहीं जा पाए तो मुरैना गांव स्थित दाऊजी मंदिर पर ही दर्शन कर परिक्रमा की। इस बार सब कुछ सामान्य होने से जाने का मौका मिल गया है। अपने वाहन से जा रहे सुरेश सिंह का कहना था कि अभी चुनाव के दौरान ज्यादा काम भी नहीं है और हालात भी सामान्य हैं, इसलिए परिवार सहित दो दिन का कार्यक्रम बनाया। पूजा और परिक्रमा के साथ भ्रमण भी हो जाएग।
गुरु पूर्णिमा पर लगता है मेला
एकादशी से पूर्णिमा तक गुरु पूर्णिमा मेला लगता है, इसे मुड़िया पूर्णिमा मेला भी कहा जाता है। 5 दिनों तक चलने वाले मेले में करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु गोवर्धन पहुंचते हैं। कोई अपने गांव से सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर गोवर्धन परिक्रमा करने आता है तो कोई ट्रेन बस और अपने निजी वाहनों के द्वारा यहां अपनी उपस्थिति दर्ज कराता है।
Updated on:
11 Jul 2022 07:04 pm
Published on:
11 Jul 2022 07:03 pm
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