
मुरैना. मुरैना के अंबाह में एक अवैध अस्पताल संचालित किया जा रहा था। रविवार को जब सीएमएचओ की टीम ने पुलिस की मदद से अस्पताल पर छापा मारा तो अस्पताल का सारा स्टाफ मरीजों को अस्पताल में छोड़कर भाग गया। डायवर्सन रोड पर अवैध रूप से संचालित मिले राधारानी अस्पताल को सीएमएचओ के नेतृत्व में पहुंची टीम ने सील कर दिया है और अस्पताल के अज्ञात संचालक के विरुद्ध पुलिस थाना अंबाह में धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज करवा दिया है। अस्पताल में भर्ती मिली दो प्रसूताओं को जिला अस्पताल में शिफ्ट किया गया है।
शहर में चल रहा था अवैध अस्पताल
बताया जा रहा कि अधिकारियों को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि अंबाह में डायवर्सन रोड पर अवैध रूप से संचालित राधारानी अस्पताल में मरीजों को भर्ती किया जा रहा है और ऑपरेशन थियेटर का संचालन भी किया जा रहा है साथ ही मरीजों को सामान्य उपचार भी दिया जा रहा है। इस सूचना पर रविवार को दोपहर बाद चार से पांच बजे के बीच मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राकेश शर्मा अपनी टीम के साथ अंबाह पहुंचे। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम को देखकर अस्पताल के संचालक व अन्य सभी लोग मौके से भाग गए। टीम को अस्पताल में दो प्रसूताएं भर्ती मिलीं। पूछने पर एक ने अपना नाम ऋतु पत्नी प्रदीप सिंह भदौरिया, निवासी ग्राम, किशनपुर बताया जबकि दूसरे का नाम नेहा पत्नी पुष्पेंद्र तोमर था। दोनों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिला अस्पताल मुरैना शिफ्ट कराया गया है।
संचालक के बारे में जानकारी नहीं
स्वास्थ्य विभाग की टीम को मौके पर कोई डॉक्टर, कर्मचारी या संचालक नहीं मिला। तलाशी लेने पर कोई पंजीयन प्रमाण पत्र भी नहीं मिला। लेकिन वहां डॉ. सुनील चौहान, डॉ. विवेक शर्मा एवं डॉ. इस्लाम के नाम के विजिटिंग कार्ड और लेटरहेड मिले। इनके आधार पर पूछताछ का प्रयास किया जाएगा।बताया जा रहा है कि जिले में एक दर्जन से अधिक अस्पताल अवैध तरीके से संचालित हो रहे हैं। यह मामला रातों-रात नर्सिंग होम्स को मान्यता देने के बाद यह मामला उठा था। जांच की घोषणा भी की गई थी। जबलपुर और इंदौर से टीमें भी आई थीं और उन्होंने रिपोर्ट भी खिलाफ दी थी, लेकिन कार्रवाई अब तक नहीं हो पाई है।
Published on:
04 Dec 2022 07:22 pm
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