
मुरैना. शहर के दत्तपुरा में हुए विस्फोट से चार मकान जमींदोज होने व मां- बेटी की मौत को लेकर पुलिस व प्रशासन के अधिकारी दो दिन बाद भी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं। जबकि बस्ती के लोग और हिंदूवादी संगठन चींख- चींखकर कह रहे हैं विस्फोट बारूद से हुआ है। यहां तक जिस सिलेंडर से विस्फोट की बात जो अधिकारी कर रहे थे, वह भी अब जांच उपरांत मामला स्पष्ट होने की बात कह रहे हैं।
यहां बता दें कि दत्तपुरा में जमील खान के किराए के मकान में हुए विस्फोट से उसकी पत्नी अंजुम बेगम व बेटी साहिबा बानो की मौत के मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को विवेचना में लिया है। लेकिन शनिवार की दोपहर से रविवार की देर रात तक पुलिस अधीक्षक यह स्पष्ट नहीं कर सके कि विस्फोट किस कारण से हुआ। उन्होंने दो दिन में तीन बार बयान बदल दिए। घटना के तुरंत बाद कहा सिलेंडर से विस्फोट हुआ है। देर शाम जब तीन सिलेंडर साबूत मिले तो एसपी ने दूसरा बयान दिया कि प्रथम दृष्टया विस्फोट सिलेंडर से हुआ है लेकिन पटाखों से विस्फोट को अनदेखा नहीं कर सकते, हर एंगल से जांच कर रहे हैं। जब मां- बेटी के शव मिल गए तो पुलिस अधीक्षक ने लिखित बयान जारी किया कि फोरसिंक टीम ने लगभग चार से पांच घंटे तक घटना स्थल का निरीक्षण कर प्रारंभिक जांच की है, टीम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के कारणों का स्पष्ट आकलन किया जा सकेगा। जबकि विस्फोट के बाद जमील खान के चाचा शहजाद खान ने स्पष्ट बयान दिया था कि जमील ने पिछली साल दीपावली पर पटाखा बाजार में दुकान लगाई, उस समय कुछ पटाखे बच गए थे, वो रखे घर में रखे थे। वहीं पड़ोसियों ने भी स्पष्ट बयान दिए हैं कि जमील पटाखे बेचने का काम करता है। वहीं जमील का एक रिश्तेदार जो गंदी पोखर के पास रहता है, वह पटाखे बनाने का बड़े स्तर पर काम करता है, इससे भी लगता है कि यह विस्फोट पटाखों से ही हुआ है। पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ को रविवार की शाम 5:45 बजे से 6:40 बजे तक छह बार फोन किया लेकिन उनका मोबाइल हर बार आउट ऑफ रीच बोलता रहा।
Published on:
20 Oct 2024 09:00 pm
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