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नवी का चैन, जहरा के लाड़ले तुम हो, सुकूने कल्ब जमाने के वास्ते तुम हो…

मातमी धुनों के साथ सुपुर्द-ए-खाक हुए ताजिया

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 ताजियों को देखने के लिए ओवरब्रिज तिराहे पर उमड़ी भीड़।,ओवरब्रिज तिराहे पर बड़े ताजिया को कंधे पर उठाकर ले जाते युवा।

मुरैना। मोहर्रम पर शुक्रवार को जिलेभर में रखे गए मातमी धुनों के साथ करबला में ताजिया सुपुर्द-ए-खाक किए गए। जिला मुख्यालय पर तकरीबन तीन दर्जन से अधिक ताजियों को लेकर मुस्लिम धर्मावलंबियों ने मातम मनाते हुए शहरभर में जुलूस निकाला। शहर के इस्लामपुरा, बैरियर, जौरा रोड, गणेशपुरा, गोपालपुरा, तेलीपाड़ा आदि इलाकों में रखे गए ताजिए एक के पीछे एक चलते हुए एमएस रोड, गणेशपुरा की पुलिया से हाईस्कूल नंबर-1 की टंकी के रास्ते कब्रिस्तान पहुंचे, जहां उन्हें दफन किया गया। मोहर्रम पर निकाला गया ताजियों का जुलूस देखने के लिए हजारों की संख्या में मुस्लिम महिलाएं, युवतियां, बच्चे शहर की मालगोदाम रोड, ओवरब्रिज तिराहा, एमएस रोड पर सड़कों के किनारे, घरों की छतों, ओवरब्रिज की छतों के ऊपर मौजूद रहीं।
यौम-ए-आशूरा यानि मोहर्रम की दसवीं को करबला की जंग में शहीद हुए पैगंबर मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन की शहादत की याद में शुक्रवार को जिलेभर में मातमी जुलूस निकले। इमाम हुसैन की शहादत के प्रतीक ताजियों का मुस्लिम बंधुओं ने मातमी धुनों के साथ जुलूस निकाला और पूरी आस्था के साथ करबला में विसर्जित किया। इस मौके पर जिलेभर में ताजियों का जुलूस देखने के लिए लाखों की संख्या में मुस्लिमबंधुओं के अलावा महिलाएं, बच्चे, युवतियां भी मौजूद रहीं।