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महाराष्ट्र में बनेगी 3 लाख करोड़ की मेगा रिफाइनरी, TATA और वेदांत परियोजना के गुजरात जाने के बाद आई अच्छी खबर!

Maharashtrta Mega Refinery Project: डिप्टी सीएम फडणवीस ने कहा “यह झूठी अफवाह फैलाई जा रहा है कि हमारी सरकार के सत्ता में आने के बाद महाराष्ट्र से बड़े-बड़े प्रोजेक्ट जा रहे हैं। यह सच नहीं है। परियोजनाओं के नुकसान के लिए पिछली सरकार दोषी है।“

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Oct 31, 2022

Eknath Shinde and Devendra Fadnavis Cabinet

शिंदे-फडणवीस सरकार के कैबिनेट विस्तार का रास्ता साफ

महाराष्ट्र (Maharashtra) के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने सोमवार को आरोप लगाया कि शिवसेना (उद्धव गुट), एनसीपी और कांग्रेस के महाविकास आघाड़ी (एमवीए) ने राज्य को बदनाम करने की साजिश रची। मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान फडणवीस ने राज्य की परियोजनाओं के गुजरात जाने के लिए उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के नेतृत्व वाली एमवीए सरकार (MVA Government) को जिम्मेदार ठहराया।

डिप्टी सीएम फडणवीस ने कहा “यह झूठी अफवाह फैलाई जा रहा है कि हमारी सरकार के सत्ता में आने के बाद महाराष्ट्र से बड़े-बड़े प्रोजेक्ट जा रहे हैं। यह सच नहीं है। परियोजनाओं के नुकसान के लिए पिछली (महा विकास अघाड़ी) सरकार दोषी है।“ यह भी पढ़े-Mumbai: मुंबई में कल से सभी के लिए सीट बेल्ट पहनना अनिवार्य, वर्ना लगेगा 1 हजार रुपये का जुर्माना

उन्होंने आगे कहा “टाटा-एयरबस सौदे के लिए टाटा 2021 से ही गुजरात की ओर देख रहे थे। एमवीए को एक साल पहले सूचित किया गया था कि यह सौदा पहले ही गुजरात में जा चुका है। एमवीए सरकार के पिछले ढाई वर्षों में भ्रष्टाचार के इतने मामले थे इसलिए कोई उद्योग यहां नहीं आना चाहता।“

महाराष्ट्र को निवेश हब बनाने का वादा करते हुए फडणवीस ने कहा, निवेश के मामले में अगले दो साल में महाराष्ट्र को नंबर वन बनाएंगे। तीन लाख करोड़ रुपये की मेगा रिफाइनरी परियोजना महाराष्ट्र में जारी रहेगी। केंद्र ने सबसे ज्यादा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स महाराष्ट्र को दिए हैं। हमने महाराष्ट्र में 25,000 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बनाई है।

टाटा-एयरबस परियोजना हाथ से निकला!

हाल के दिनों में वेदांता-फॉक्सकॉन परियोजना और उसके बाद टाटा-एयरबस परियोजना के महाराष्ट्र से गुजरात जाने की पुष्टि हुई। दोनों बड़ी परियोजनाओं के पडोसी राज्य में जाने की घोषणा के बाद से ही विपक्ष शिंदे-फडणवीस सरकार पर हमलावर है।

इस साल सितंबर में मुख्यमंत्री शिंदे के वफादार उदय सामंत ने कहा था कि टाटा-एअरबस विमान विनिर्माण परियोजना महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में नागपुर के समीप स्थापित की जाएगी। लेकिन यह परियोजना हाथ से चली गई और अब यूरोपीय कंपनी एयरबस और भारतीय समूह टाटा का एक कंसोर्टियम (संघ) गुजरात के वडोदरा में भारतीय वायु सेना के लिए सी-295 परिवहन विमान का निर्माण करेगी। इस परियोजना के तहत पहली बार निजी कंपनी द्वारा सैन्य विमान का निर्माण भारत में किया जाना है। परियोजना की कुल लागत 21,935 करोड़ रुपये है, जिससे 56 विमान बनेंगे।


वेदांत-फॉक्सकॉन परियोजना भी गुजरात गई

पिछले महीने भारतीय समूह वेदांता और ताइवान की इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण कंपनी फॉक्सकॉन की संयुक्त सेमीकंडक्टर परियोजना गुजरात में स्थापित करने की घोषणा के बाद महाराष्ट्र में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया था। पहले यह परियोजना पुणे शहर के समीप स्थापित की जानी थी। सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले निर्माण इकाई स्थापित करने के लिए 1 लाख 54 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा, जिससे लगभग एक लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे।