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महाराष्ट्र: 50 लाख का बीमा हड़पने की साजिश बेनकाब, डॉक्टर और 4 पुलिसकर्मी समेत 9 गिरफ्तार

Shriram General Insurance Fraud: जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों ने राजेंद्र के नाम पर करीब 10 अलग-अलग कंपनियों से बीमा पॉलिसी ली थी और वे कुल मिलाकर साढ़े सात करोड़ रुपये हड़पने की फिराक में थे।
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मुंबई

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Dinesh Dubey

Mar 10, 2026

Maharashtra Vasai Child Abuse news

वसई में रोंगटे खड़े कर देने वाली दरिंदगी, पिता से बदला 4 साल के मासूम से लिया (Photo: AI Image)

महाराष्ट्र के जलगांव जिले में बीमा धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। चालीसगांव तालुका के दहिवद फाटा इलाके में फर्जी सड़क हादसे में मौत दिखाकर 50 लाख रुपये का बीमा हड़पने की साजिश रची गई थी। बीमा कंपनी की सतर्कता से यह पूरा खेल उजागर हो गया।

इस मामले में मृतक के परिवार के सदस्यों के साथ सरकारी डॉक्टर और चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

दरअसल राजेंद्र शालिंदर जाधव के नाम पर 50 लाख रुपये की पर्सनल एक्सीडेंट पॉलिसी ली गई थी। उनकी पत्नी अरुणा जाधव ने श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी में दावा किया कि 19 अप्रैल 2025 की रात दहिवद से मालेगांव जाते समय उनकी मोटरसाइकिल को काले रंग की थार ने टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल जाधव की चालीसगांव ग्रामीण अस्पताल में इलाज के दौरान मौत होने की बात कही गई।

दावे के साथ अस्पताल का पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की प्राथमिक रिपोर्ट भी जमा की गई। इसके आधार पर मेहुनबारे पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी।

लेकिन जब बीमा कंपनी ने मामले की जांच की तो कई चौंकाने वाली विसंगतियां सामने आईं। जांच में पता चला कि राजेंद्र जाधव की असल में 23 फरवरी 2024 को ही गंभीर लिवर बीमारी से मौत हो चुकी थी।

जांच के दौरान उनके घर में लगे फोटो पर भी मृत्यु की तारीख 23 फरवरी 2024 ही लिखी मिली। इतना ही नहीं ग्राम पंचायत के मृत्यु रजिस्टर में भी दुर्घटना से मौत का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। सूचना के अधिकार के तहत यह जानकारी सामने आई।

मामले की गहराई से जांच करने पर यह भी पता चला कि मृतक के नाम पर अलग-अलग पते का इस्तेमाल किया गया था। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि राजेंद्र के नाम पर करीब 10 अलग-अलग कंपनियों से बीमा पॉलिसी ली गई थी और वे कुल मिलाकर साढ़े सात करोड़ रुपये हड़पने की फिराक में थे।

पुलिस ने इस मामले में अरुणा जाधव, संभाजी जाधव, थार वाहन के चालक और मालिक, चालीसगांव ग्रामीण अस्पताल के तत्कालीन मेडिकल ऑफिसर मंदार करंबलेकर, मेहुनबारे और चालीसगांव पुलिस स्टेशन के चार पुलिसकर्मियों सहित कई लोगों पर मामला दर्ज किया है।

आरोपियों में पुलिसकर्मी महेंद्र पाटील, सुनील निकम, रविंद्र बत्तीसे और सचिन निकम के नाम भी शामिल हैं। इसके अलावा बीमा एजेंट प्रवीण पाटील, प्रेम पाटील और मृतक के भाई मिथुन जाधव को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

इस घटना के सामने आने के बाद फर्जी बीमा दावों का एक बड़ा नेटवर्क उजागर हुआ है। पुलिस अब इस मामले में आगे की जांच कर रही है।