पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान 45 वर्षीय एक मजदूर के रूप में हुई है, जो उसी साइट पर काम करता था। विडंबना यह है कि पीड़ित मासूम बच्ची के माता-पिता भी उसी निर्माण स्थल पर दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। चूंकि आरोपी और पीड़ित परिवार एक ही जगह काम करते थे, इसलिए उनके बीच पहले से जान-पहचान थी। इसी जान-पहचान का फायदा उठाकर आरोपी ने बच्ची का भरोसा जीता और सोमवार की शाम जब मौका मिला, तो उसने इस शर्मनाक वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने बताया कि जान-पहचान होने के कारण बच्ची को आरोपी की मंशा पर संदेह नहीं हुआ।