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औरंगजेब क्रूर था, लेकिन हिंदू विरोधी नहीं… महाराष्ट्र में अजित पवार के बाद अब जितेंद्र आव्हाड के बयान पर बवाल

Jitendra Awhad Controversial Statement: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता जितेंद्र आव्हाड (Jitendra Awhad) ने दावा किया कि मुगल बादशाह औरंगजेब (Mughal Emperor Aurangzeb) हिंदू विरोधी नहीं था।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Jan 03, 2023

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जितेंद्र आव्हाड के बयान पर विवाद

Jitendra Awhad Aurangzeb Statement: महाराष्ट्र (Maharashtra Politics) में ऐतिहासिक शख्सियतों को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी कड़ी में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता जितेंद्र आव्हाड (Jitendra Awhad) ने दावा किया कि मुगल बादशाह औरंगजेब (Mughal Emperor Aurangzeb) हिंदू विरोधी नहीं था। आव्हाड ने यह टिप्पणी तब की जब वह महाराष्ट्र के नेता प्रतिपक्ष और अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता अजित पवार के एक बयान का बचाव कर रहे थे। उधर, बीजेपी ने पवार के बाद अब आव्हाड के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान एनसीपी विधायक जितेंद्र आव्हाड ने कि औरंगज़ेब एक क्रूर शासक था, जिसने सिंहासन पाने के लिए अपने भाई और पिता की हत्या कर दी थी। आव्हाड ने कहा, “वह (छत्रपति संभाजी) सरदेसाई वाडा, संगमेश्वर (Sangmeshwar) में थे। औरंगजेब को यह सूचना किसने दी? फिर संभाजी को बहादुरगढ़ (Bahadurgad) लाया गया जहां उनकी आंखें निकाल दी गईं। बहादुरगढ़ किले (Bahadurgad Fort) के करीब एक विष्णु मंदिर (Vishnu Temple) था। अगर औरंगजेब हिंदू विरोधी होता तो वह मंदिर को भी तोड़ देता। यह भी पढ़े-छत्रपति संभाजी महाराज पर बयान देकर बुरे फंसे अजित पवार, बीजेपी के बाद अब संभाजी राजे ने सुनाई खरी-खरी

महाराष्ट्र के पूर्व आवास मंत्री ने कहा, "मेरा विचार है कि इतिहास में वापस जाने का कोई कारण नहीं है क्योंकि इससे समाज में नए विवाद बढ़ेगा।" दरअसल आव्हाड पिछले शुक्रवार को राज्य विधानसभा में छत्रपति संभाजी महाराज (Chhatrapati Sambhaji Maharaj) पर दिए गए अजित पवार की टिप्पणी का बचाव कर रहे थे।

निशाने पर एनसीपी!

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, “एनसीपी छत्रपति संभाजी महाराज का अपमान कर रही है और औरंगजेब की तारीफ कर रही है। औरंगजेब ने महाराष्ट्र में कई मंदिरों को तोड़ा और महिलाओं पर अत्याचार किया था।

इस बीच बीजेपी नेता अशिष शेलार ने भी ट्वीट कर एनसीपी नेता की आलोचना की। उन्होंने कहा, “अजित पवार ने कहा कि छत्रपति संभाजी महाराज कोई धर्मवीर नहीं थे। जितेंद्र आव्हाड कह रहे हैं कि औरंगजेब क्रूर और हिंदू विरोधी नहीं था। इसलिए क्या दाऊद से व्यवहार रखने वाली नवाब मलिक की पार्टी के नेताओं के बयानों को हल्के में लेना चाहिए? क्या यह ‘औरंगजेबी’ चाल तो नहीं है?”

वहीँ, बीजेपी विधायक राम कदम (Ram Kadam) ने पूर्व सहयोगी शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा और कहा, 'हम उद्धव ठाकरे से पूछना चाहते हैं कि वह औरंगजेब की प्रशंसा करने वालों के साथ अपना गठबंधन जारी रखेंगे?'

अजित पवार ने क्या कहा?

महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार ने शुक्रवार को नागपुर में महाराष्ट्र विधानसभा में टिप्पणी की थी। शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन उन्होंने कहा "हम हमेशा छत्रपति संभाजी महाराज को 'स्वराज रक्षक' कहते हैं। लेकिन कुछ लोग उन्हें 'धर्मवीर' कहते हैं। यह गलत है। जैसा कि संभाजी महाराज ने कभी किसी विशेष धर्म का समर्थन नहीं किया। उनका बलिदान और कार्य राष्ट्र कल्याण के लिए थे, ”उन्होंने कहा था। सदन में बोलते हुए पवार ने कहा था कि, 'छत्रपति संभाजी महाराज ने कभी धर्म के आधार पर शासन नहीं किया।“