
दिल्ली में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) अलग-अलग विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। इसलिए इंडिया गठबंधन के बीच दरार और बढ़ गई है। अब गठबंधन में शामिल दल ही विपक्षी खेमे की एकता पर सवाल उठा रहे हैं।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने शुक्रवार को विपक्षी गठबंधन के भीतर समन्वय की कमी के बारे में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बयान का समर्थन किया। अब्दुल्ला की तरह ही राउत ने भी इंडिया गठबंधन के भविष्य पर सवाल खड़े किए है।
गुरुवार को अब्दुल्ला ने कहा था, ‘‘ दिल्ली में विधानसभा चुनाव के बाद उन्हें गठबंधन के सभी सदस्यों की बैठक बुलानी चाहिए। यदि यह गठबंधन केवल संसदीय चुनावों के लिए था तो इसे समाप्त कर देना चाहिए और हम अलग-अलग काम करेंगे।“ इस पर आज प्रतिक्रिया देते हुए उद्धव ठाकरे के करीबी सहयोगी राउत ने कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि इंडिया ब्लॉक अभी है या उसे समाप्त कर दिया गया है।
मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा, "लोकसभा चुनाव हम एक साथ लड़े, अच्छे नतीजे भी आये। उसके बाद हम सबकी खास तौर पर सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस की ज़िम्मेदारी थी कि इंडिया अलायंस को जिंदा रखा जाए, एक साथ बैठकर आगे की योजना बनाई जाए, कांग्रेस मार्गदर्शन करे। लेकिन अब तक लोकसभा चुनाव के बाद एक भी इस तरह की बैठक नहीं हुई है। ये इंडिया अलायंस के लिए ठीक नहीं है...”
राउत ने आगे कहा, “उमर अब्दुल्ला, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, अरविंद केजरीवाल जैसे नेता सभी का ये कहना है कि इंडिया अलायंस का कोई वजूद नहीं रहा। लोगों के मन में अगर ऐसी भावना आती है तो इसके लिए सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस ज़िम्मेदार है। समन्वय नहीं है, चर्चा नहीं है। इसका मतलब इंडिया अलायंस में सब ठीक है या नहीं इसे लेकर लोगों के मन में शंका है...अगर एक बार ये गठबंधन टूट गया तो फिर वापस इंडिया अलायंस नहीं बनेगा।"
Updated on:
10 Jan 2025 04:37 pm
Published on:
10 Jan 2025 04:29 pm
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