17 मार्च 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गोल्डन टेंपल मेल में देर रात छापा, 2.19 करोड़ की ड्रग्स बरामद, इंटरनेशनल सिंडिकेट का पर्दाफाश

अमृतसर से मुंबई जा रही गोल्डन टेंपल मेल (12904) में की गई एक छापेमारी के दौरान मिजोरम के एक युवक को 2.19 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के नशीले पदार्थों के साथ गिरफ्तार किया गया है।

2 min read
Google source verification

मुंबई

image

Dinesh Dubey

Jan 27, 2026

Mumbai Golden Temple Mail Drugs Bust

गोल्डन टेंपल मेल में 2.19 करोड़ का ड्रग्स जब्त (Photo: X/IANS)

अमृतसर से मुंबई जा रही गोल्डन टेंपल मेल में देर रात की गई कार्रवाई ने मादक पदार्थ तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया हैं। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की संयुक्त टीम ने ट्रेन के एसी 3-टियर कोच से मिजोरम के 32 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया। उसके बैग और ट्रॉली से कोकीन और मेथामफेटामिन समेत नशीले पदार्थ बरामद हुए, जिनकी कुल कीमत 2.19 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।

अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले के तार एक नाइजीरियाई महिला से जुड़े हैं, जिसे एक दिन पहले ही सूरत में पकड़ा गया था। पुख्ता खुफिया सूचना के आधार पर यह छापा मारा गया। तलाशी में 436 ग्राम कोकीन (Cocaine) जिसकी कीमत करीब 2.19 करोड़ रुपये बताई जा रही है, इसके अलावा 19 ग्राम याबा टैबलेट (Yaba Tablet), करीब 1.50 लाख रुपये मूल्य की मेथामफेटामिन (Methamphetamine), कोडीन कफ सिरप (Codeine Cough Syrup) की पांच बोतलें और 8 ग्राम अल्प्राजोलम टैबलेट (Alprazolam Tablet) मिलीं। इतनी बड़ी बरामदगी के कारण यह मामला किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क से जुड़ा होने की आशंका जताई जा रही है।

दिल्ली से मुंबई तक फैला जाल

आरपीएफ और एनसीबी की संयुक्त टीम ने रविवार रात में पुख्ता सूचना के आधार पर एसी कोच बी-4 में दबिश दी। वहां 32 वर्षीय यात्री ललफाकमाविया (Lalfakmavia) के पास मौजूद बैग्स की तलाशी ली गई, जिसमें कपड़ों के बीच नशीले पदार्थों का भारी जखीरा मिला।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि वह अपनी बहन और जीजा के साथ दिल्ली में रहता है और घरेलू काम करके गुजर-बसर करता है। उसकी बहन की एक नाइजीरियाई सहेली ने उसे डॉग फूड बताकर यह पैकेट दिया था और उसे मुंबई पहुंचाने के बदले तीन हजार रुपये और सफर का खर्च देने का वादा किया था।

ट्रेन से ड्रग्स तस्करी करने वाला गिरोह सक्रिय

इस मामले की कड़ी 24 जनवरी को सूरत में हुई एक ड्रग्स तस्कर की गिरफ्तारी से जुड़ती है। तब राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की सूरत इकाई ने उसी गोल्डन टेंपल एक्सप्रेस में फरीदाबाद से मुंबई जा रही एक नाइजीरियाई महिला को पकड़ा था। तलाशी में उसके पास 50 ग्राम कोकीन और 900 ग्राम मेथामफेटामिन मिली, जिसकी कुल कीमत करीब 2.30 करोड़ रुपये बताई गई।

जांच एजेंसियों का मानना है कि ये दोनों मामले अलग-अलग नहीं, बल्कि एक संगठित और सुव्यवस्थित सप्लाई चेन का हिस्सा हैं, जो लंबी दूरी की ट्रेनों को हाई-ग्रेड ड्रग्स की तस्करी के लिए इस्तेमाल कर रही है।

अधिकारियों के अनुसार पैकेजिंग का तरीका, इस्तेमाल किया गया रूट और दोनों मामलों में मेथामफेटामिन की मौजूदगी एक ही सिंडिकेट की ओर इशारा करती है। मेथामफेटामिन सबसे खतरनाक सिंथेटिक ड्रग्स में से एक हैं।

एनसीबी ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और अब हैंडलर्स, रिसीवर्स और पैसों के लेन-देन की कड़ियों को खंगाला जा रहा है। बोरीवली में विशेष मजिस्ट्रेट के सामने पेशी के बाद ललफाकमाविया को ट्रांजिट रिमांड पर बेंगलुरु ले जाया गया है। एजेंसियां यह जानने की कोशिश में जुटी हैं कि यह नेटवर्क कितना गहरा है और इसकी पहुंच देश से बाहर तक कहां-कहां फैली हुई है।