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Sugar Mill Election: शरद पवार को भतीजे अजित ने बारामती में दी पटखनी, सभी प्रत्याशियों की हुई करारी हार!

Baramati Sugar Mill Election: पवार परिवार के गृह क्षेत्र बारामती में मालेगांव सहकारी चीनी मिल के 21 सदस्यीय निदेशक मंडल के लिए चुनाव 22 जून को हुए थे। इसमें केवल 19,651 मिल के सदस्य ही वोट देने के पात्र थे।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Jun 25, 2025

Sharad Pawar Ajit Pawar Baramati election

अजित पवार और शरद पवार (Photo: X/NCP)

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के बारामती स्थित मालेगांव सहकारी चीनी कारखाना चुनाव के नतीजे सामने आने लगे हैं। एनसीपी प्रमुख व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाले नीलकंठेश्वर पैनल को निर्णायक बढ़त मिली है। अब तक घोषित 13 सीटों में से 12 सीटों पर नीलकंठेश्वर पैनल के उम्मीदवार विजयी हुए हैं। जबकि बीजेपी नेता चंद्रराव तावरे-रंजन तावरे के सहकार बचाव पैनल से प्रत्याशी चंद्रराव तावरे ने जीत दर्ज कर अजित पवार को झटका जरूर दिया है।

अब तक के आये नतीजों से यह लगभग स्पष्ट हो गया है कि मालेगांव सहकारी चीनी मिल पर अब अजित पवार की सत्ता स्थापित होने जा रही है। हालांकि, चंद्रराव तावरे जैसे कट्टर विरोधी का जीतना अजित पवार की मुश्किलें कुछ जरुर बढ़ेगी।

दूसरी ओर, शरद पवार गुट के लिए यह चुनाव एक बड़ी हार लेकर आया। उनके समर्थित बलिराजा सहकार बचाव पैनल का खाता भी नहीं खुल सका। इस पैनल का नेतृत्व वरिष्ठ नेता के पोते युगेंद्र पवार ने किया, लेकिन इस पैनल के सभी उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा।

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सहकारी चीनी मिल के 21 सदस्यीय निदेशक मंडल के लिए मतदान 22 जून को हुआ था। इस चुनाव में क्रॉस वोटिंग स्पष्ट रूप से देखने को मिली। अब तक घोषित नतीजों से यह साफ हो गया है कि शरद पवार गुट का एक भी उम्मीदवार जीत नहीं सका है। 21 में से 20 सीटें अजित पवार गुट के खाते में जाती दिख रही हैं। ऐसे में शरद पवार के लिए उनके गृह जिले बारामती में यह अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है।

गौरतलब हो कि इस चुनाव में अजित पवार 90 उम्मीदवारों में से एक हैं। वह चार दशक से अधिक समय के बाद किसी सहकारी चीनी मिल का चुनाव लड़ रहे हैं। वह नीलकंठेश्वर पैनल के उम्मीदवार हैं, जिसका वर्तमान में चीनी मिल पर नियंत्रण है। हालांकि अजित पवार कि तरह शरद पवार सीधे तौर पर मैदान में नहीं थे, लेकिन उन्होंने अपने पैनल के लिए प्रचार किया था।