
महाराष्ट्र विधानमंडल का मानसून सत्र आज (30 जून) से शुरू हो रहा है। इससे पहले शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका लगा। उत्तर महाराष्ट्र और नासिक में उद्धव ठाकरे गुट को कमजोर करने के मिशन में जुटी भाजपा (BJP) को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। धुले के पूर्व कांग्रेस विधायक कुणाल पाटील और नासिक के पूर्व विधायक अपूर्व हिरे 1 जुलाई को भाजपा में शामिल होने जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, ये दोनों नेता भाजपा के संभावित प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र चव्हाण के पदग्रहण समारोह के अवसर पर ‘कमल’ (भाजपा का चिन्ह) थामेंगे।
धुले के पूर्व विधायक कुणाल पाटील कांग्रेस के बड़े नेता माने जाते हैं और राहुल गांधी के करीबी भी रहे हैं। उनके इस फैसले को कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, भाजपा में एंट्री की खबर उनके समर्थकों को पहले ही भेजी जा चुकी है। 1 जुलाई को दोपहर 2 बजे मुंबई स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, प्रदेशाध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले और रवींद्र चव्हाण की उपस्थिति में उनका पार्टी में स्वागत किया जाएगा।
वहीं, अपूर्व हिरे नासिक के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। वर्ष 2019 में उन्होंने भाजपा की मौजूदा विधायक सीमा हिरे के खिलाफ नासिक पश्चिम से विधानसभा चुनाव लड़ा था।
हाल ही में उद्धव ठाकरे गुट के नेता सुधाकर बडगुजर ने भाजपा और विलास शिंदे ने एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना का दामन थामा था। उनके साथ कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी शामिल हुए थे। इन दोनों नेताओं के दलबदल के बाद नासिक में ठाकरे गुट की स्थिति डगमगाती नजर आ रही है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि आगामी नासिक महानगरपालिका चुनाव में इसका भारी नुकसान शिवसेना यूबीटी को हो सकता है, जबकि भाजपा को इसका सीधा फायदा मिलने की संभावना है।
रविवार को ठाणे में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना (उद्धव गुट) के पूर्व नासिक प्रमुख विलास शिंदे, 30 सरपंच और कई पूर्व पार्षद शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल हुए। इस दौरान शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा। शिंदे ने कहा, ‘‘एक नेता (उद्धव) उस पार्टी (मनसे) से संपर्क कर रहे हैं, जिसे उन्होंने अतीत में बुरी तरह कोसा था। उनकी पार्टी में हाल के दिनों में बड़े पैमाने पर दलबदल देखने को मिला है।’’ मनसे का नेतृत्व उद्धव के चचेरे भाई राज ठाकरे करते हैं। गत दो दशक से अलग-अलग राह पर चल रहे चचेरे भाई उद्धव और राज ठाकरे स्कूलों में हिंदी पढ़ाने के मुद्दे पर एकजुट हुए थे, दोनों ने इसके खिलाफ 5 जुलाई को मुंबई में संयुक्त रूप से विरोध मार्च निकालने कि तैयारी की थी। लेकिन रविवार शाम में सीएम देवेंद्र फडणवीस नीत सरकार इससे जुड़ा अपना पुराना आदेश वापस ले लिया और एक कमेटी गठित करने कि घोषणा की। इस वजह से ठाकरे भाईयों का यह मार्च अब नहीं हो पाएगा।
Updated on:
30 Jun 2025 10:15 am
Published on:
30 Jun 2025 09:48 am
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