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BMC चुनाव: मुंबई में शिंदे बनाम ठाकरे की लड़ाई होगी तेज, उद्धव गुट को टक्कर देने के लिए प्लान तैयार!

Mumbai BMC Election: आगामी बीएमसी चुनाव बीजेपी और शिवसेना साथ मिलकर लड़ेंगे। हालांकि मुंबई में बीजेपी की स्थिती मजबूत है, लेकिन एकनाथ शिंदे के लिए यह पहला बड़ा चुनाव होगा।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

May 17, 2023

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एकनाथ शिंदे की शिवसेना का 'मिशन मुंबई' तैयार!

Shiv Sena Eknath Shinde Vs Uddhav Thackeray: पिछले साल जून महीने में शिवसेना (Shiv Sena) के दो धड़ों में विभाजन के बाद महाराष्ट्र के सीएम पद से उद्धव ठाकरे को हटना पड़ा था। ठाकरे को अपदस्थ करने वाले वर्तमान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट ने अब 'मिशन मुंबई' पर विशेष ध्यान देना शुरू कर दिया है। दरअसल शिवसेना (Shiv Sena BMC Election) आगामी बीएमसी चुनाव के मद्देनजर अपनी खास रणनीति बना रही है, जिससे उद्धव सेना को पटखनी दी जा सके।

पॉलिटिकल पंडितों का मानना है कि नगर निगम का चुनाव आने वाले समय में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के लिए चुनौती बनने वाला हैं। उसमें भी बृहन्मुंबई नगर निगम चुनाव (Shiv Sena BMC Election) सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होगा। इसलिए उद्धव ठाकरे के हाथों से महाराष्ट्र की सत्ता छीनने के बाद शिंदे गुट ने पिछले 25 वर्षों से ठाकरे के नियंत्रण वाले नगर निगम यानी बीएमसी से उखाड़ने की भी कोशिश शुरू कर दी है। यह भी पढ़े-सलमान की बहन अर्पिता के घर से चोरी हुई डायमंड ज्वेलरी, मुंबई पुलिस ने चंद घंटे में सुलझाया केस

सियासी गलियारों में चर्चा चल रही है कि बीएमसी में अब शिंदे का भगवा फहराएगा या ठाकरे का। हालांकि बीजेपी के अलावा एनसीपी और कांग्रेस भी मुंबई नगर निगम पर अपना वर्चस्व स्थापित करने का सपना देख रही हैं। इसी कड़ी में टीम एकनाथ शिंदे ने भी तैयारी शुरू कर दी है।

शिंदे गुट और बीजेपी मिलकर नगर पालिका में ज्यादा से ज्यादा पार्षदों को जिताने की कोशिश कर रहे है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इसके लिए योजना भी बना ली है। शिवसेना (शिंदे गुट) में नए-नए आए पूर्व पार्षदों की बैठकें शुरू हो गई हैं। संभावना है कि ठाकरे गुट के कुछ और पूर्व नगरसेवक और पदाधिकारी अगले कुछ दिनों में शिंदे खेमे में शामिल होंगे।

महाराष्ट्र की शिंदे-फडणवीस सरकार ने मुंबई के वोटरों को साधने के लिए सीधे सभी वार्डों में जाने का फैसला किया है, ताकि आम आदमी का काम स्थानीय स्तर पर हो सके और उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ मिले। जल्द ही सरकारी योजनाओं से लोगों को रूबरू करवाने और सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने का अभियान शुरू किया जायेगा। जल्द ही यह अभियान मुंबई के हर वार्ड में शुरू किये जाने की खबर है।

मुंबई में चल रहे प्रोजेक्ट्स की जानकारी घर-घर पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। खबर है कि बालासाहेब ठाकरे क्लीनिक की संख्या और बढ़ाई जाएगी। शिवसेना (शिंदे गुट) की ओर से अब मुंबई में त्योहारों के मुताबिक तरह-तरह की गतिविधियां आयोजित की जाएगी।

मुंबई में शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के 95 पार्षद हैं। अब तक 2017 के चुनाव में जीते 10 पूर्व पार्षद शिंदे खेमे में शामिल हो चुके हैं। इसके अलावा पहले के भी 11 पूर्व पार्षद शिंदे के साथ हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि जब बीएमसी चुनाव की तारीखों का ऐलान होगा तो दलबदल का खेल नए सिरे से शुरू होगा। कहा जा रहा है कि शिंदे गुट ने अभी से ही असंतुष्ट नेताओं की तलाश शुरू कर दी है।

मालूम हो कि आगामी बीएमसी चुनाव बीजेपी और शिवसेना साथ मिलकर लड़ेंगे। हालांकि मुंबई में बीजेपी की स्थिती मजबूत है, लेकिन एकनाथ शिंदे के लिए यह पहला बड़ा चुनाव होगा। बगावत से पहले एकनाथ शिंदे उद्धव ठाकरे की अगुवाई में चुनाव में शामिल होते थे, लेकिन अब शिंदे अकेले है और बीएमसी चुनाव उनके लिए अग्निपरीक्षा की तरह है। इसके लिए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और शिवसेना अब मुंबई पर फोकस कर रही है।