
राहुल नार्वेकर के साथ देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे (Photo: IANS)
आगामी बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव (BMC) से पहले सियासी घमासान तेज हो गया है। दक्षिण मुंबई के कोलाबा इलाके से चुनाव लड़ने के इच्छुक आठ उम्मीदवारों ने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर पर गंभीर आरोप लगाते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि भाजपा नेता नार्वेकर ने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर रिटर्निंग ऑफिसर (RO) और पुलिस पर दबाव बनाया ताकि उनके नामांकन पत्र स्वीकार न किए जा सकें।
याचिका में कहा गया है कि ये सभी उम्मीदवार बीएमसी के वार्ड 224 से 227 के बीच निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ना चाहते थे। 30 दिसंबर को नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन था, उस दिन वे सभी जरूरी दस्तावेजों और जमानत राशि (Security Deposit) के साथ रिटर्निंग ऑफिसर कृष्णा जाधव के कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने शाम 5 बजे की समय सीमा से पहले ही टोकन भी ले लिया था। इसके बावजूद रिटर्निंग ऑफिसर कृष्णा जाधव ने नामांकन स्वीकार नहीं किया।
आरोप है कि उसी दिन राहुल नार्वेकर बार-बार रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय पहुंचे और कथित तौर पर पुलिस व चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन उम्मीदवारों के फॉर्म न लिए जाएं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि रात करीब 8.30 बजे तक इंतजार कराने के बाद उन्हें पुलिस के जरिए परिसर से जबरन बाहर निकाल दिया गया।
याचिकाकर्ताओं में बाबन गोविंद महाडिक, नीरज हरिसिंग राठोड़, वैशाली न्हानु गावड़े, महबूब इमाम हुसैन मद्दनावर, परिचय किशोर भोईर, मनोज ढोंडूराम मोरे, रकसाना अहमद शफीक शेख और मार्गरेट दा कोस्टा शामिल हैं।
याचिका में अदालत से मांग की गई है कि राज्य चुनाव आयोग (SEC) को उनके नामांकन पत्र स्वीकार करने का निर्देश दिया जाए। रिटर्निंग ऑफिसर को तत्काल निलंबित किया जाए और उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई हो। 30 दिसंबर की पूरी घटना की निष्पक्ष जांच हो और चुनाव कार्यालय की सीसीटीवी फुटेज कोर्ट में पेश की जाए।
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि यह पूरा घटनाक्रम राहुल नार्वेकर के पारिवारिक उम्मीदवारों को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया। उनके भाई मकरंद नार्वेकर, भाभी हर्षिता नार्वेकर और चचेरी बहन गौरवी शिवालकर भाजपा से क्रमशः वार्ड 225, 226 और 227 से चुनाव मैदान में हैं, जो सभी राहुल नार्वेकर के कोलाबा विधानसभा क्षेत्र में आते हैं।
हालांकि बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि मामले की सुनवाई उचित समय पर की जाएगी।
इससे पहले राहुल नार्वेकर ने विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए पूरी तरह निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे केवल अपनी पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों के समर्थन में वहां मौजूद थे।
इससे पहले महाराष्ट्र में चल रहे महानगरपालिका चुनावों में 67 पार्षदों के निर्विरोध चुने जाने का मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है। मनसे (MNS) के नेता अविनाश जाधव और कांग्रेस ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया है। राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने सोमवार को हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए आरोप लगाया है कि राज्य में सत्ताधारी पार्टी ने कई जगहों पर विपक्षी उम्मीदवारों को डराने, धमकाने और पैसे बांटने जैसी हरकतों के जरिए अपना नामांकन वापस लेने के लिए मजबूर किया। इससे चुनाव की प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष नहीं रही और लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन हुआ है।
Published on:
07 Jan 2026 10:48 am
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