
रितेश देशमुख और रवींद्र चव्हाण (Photo: IANS)
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण के एक बयान ने महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में तूफान ला दिया है। लातूर में रवींद्र चव्हाण द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत विलासराव देशमुख को लेकर दिए गए बयान से न सिर्फ कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश है, बल्कि देशमुख परिवार भी नाराज है। विलासराव के बेटे और अभिनेता रितेश देशमुख ने इस पर कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया दी है।
लातूर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने कहा था कि लातूर के लोगों का उत्साह देखकर उन्हें यकीन हो गया है कि विलासराव की यादें इस शहर से पूरी तरह मिट जाएंगी। इस बयान के बाद कांग्रेस समर्थकों ने कड़ा विरोध प्रदर्शन किया और इसे महाराष्ट्र के एक जननेता का अपमान बताया।
रवींद्र चव्हाण ने चुनावी सभा में मौजूद लोगों से मंच से कहा था, “सभी को दोनों हाथ ऊपर उठाकर नारे लगाने हैं, भारत माता की जय, वंदे मातरम, वंदे मातरम, भारतीय जनता पार्टी की जीत हो। सच कहूं तो आप सभी का उत्साह देखकर साफ लगता है कि इस शहर से विलासराव की यादें सौ फीसदी मिट जाएंगी, इसमें कोई शक नहीं है।”
अपने पिता के अपमान पर चुप न रहते हुए अभिनेता रितेश देशमुख ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो साझा किया। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना बेहद शालीनता से अपनी बात रखी। रितेश ने कहा, "मैं दोनों हाथ जोड़कर और ऊपर करके कहता हूं... जो लोग जनता के लिए जीते हैं, उनके नाम लोगों के मन पर कोरे होते हैं। कागज पर लिखा हुआ तो मिटाया जा सकता है, लेकिन जो कोरा हुआ है वह कभी नहीं मिटता। जय महाराष्ट्र!" रितेश का यह वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया।
वहीँ, विलासराव देशमुख के बेटे अमित देशमुख ने इस बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, “बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने लातूर आकर आदरणीय विलासराव देशमुख साहब के संदर्भ में जो बयान दिया है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है। ऐसे बयान की उनसे उम्मीद नहीं थी। उनके इस वक्तव्य से हम सभी लातूरवासियों की भावनाएं आहत हुई हैं। हम इस बयान का कड़े शब्दों में विरोध करते हैं।”
बढ़ते राजनीतिक दबाव के बाद रवींद्र चव्हाण ने माफी मांग ली है। उन्होंने सफाई देते हुए कहा, “विलासराव देशमुख बड़े नेता थे। मेरा इरादा उनकी आलोचना करना नहीं था। वे एक बड़े नेता थे और मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने महान कार्य किए हैं।“ उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पीएम मोदी के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों की तुलना कांग्रेस की पुरानी राजनीति से कर रहे थे। क्योंकि कांग्रेस उनके (विलासराव देशमुख) के नाम पर आज भी वोट मांगती है।
चव्हाण ने कहा, "उनके बेटे मेरे अच्छे मित्र हैं। अगर मेरी बात से उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो मैं निश्चित रूप से माफी मांगता हूं। मैं उनसे बस यही कहूंगा कि इसे राजनीतिक चश्मे से न देखें।"
महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों से ठीक पहले इस तरह की बयानबाजी ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है। लातूर हमेशा से विलासराव देशमुख का गढ़ रहा है और उनकी विरासत पर की गई टिप्पणी भाजपा के लिए भारी पड़ती दिख रही है, यही कारण है कि प्रदेश अध्यक्ष ने तुरंत डैमेज कंट्रोल की कोशिश की है। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री विलासराव देशमुख का 14 अगस्त 2012 को निधन हो गया था।
Updated on:
06 Jan 2026 05:27 pm
Published on:
06 Jan 2026 05:21 pm
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