18 जुलाई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

डॉक्टरों पर हमले के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट सख्त: शिवसेना कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे की जमानत रद्द, फिर जाना होगा जेल

Ramesh Mhatre bail cancelled: बॉम्बे हाई कोर्ट ने डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ पर हमला करने के आरोपी एकनाथ शिंदे गुट के शिवसेना कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे की जमानत रद्द कर दी है। कोर्ट ने म्हात्रे के 18 आपराधिक मामलों के रिकॉर्ड को देखते हुए निचली अदालत के फैसले पर सवाल उठाए और उसे रविवार शाम 5 बजे तक सरेंडर करने का आदेश दिया है।
2 min read
Google source verification

मुंबई

image

Imran Ansari

Jul 18, 2026

Ramesh Mhatre bail cancelled

शिवसेना कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे की जमानत रद्द

Ramesh Mhatre bail cancelled: अस्पताल में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ पर हमले के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। हाई कोर्ट ने एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना के कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे और उसके सहयोगियों की जमानत रद्द कर दी है। इसके साथ ही अदालत ने म्हात्रे को रविवार (19 जुलाई) शाम 5 बजे तक सरेंडर करने का सख्त आदेश दिया है। शनिवार को एक विशेष सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने म्हात्रे को मिली जमानत पर स्वतः संज्ञान लिया था।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम आंखड़ की खंडपीठ ने कल्याण की मजिस्ट्रेट अदालत के फैसले पर गंभीर सवाल उठाए। हाई कोर्ट ने नोट किया कि निचली अदालत ने जमानत देते समय म्हात्रे के आपराधिक रिकॉर्ड को नजरअंदाज कर दिया। दरअसल, हाई कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा है कि 'भले ही आरोपी को 17 मामलों में बरी कर दिया गया हो, लेकिन अदालत को इस तथ्य पर विचार करना चाहिए था कि उस पर हत्या और हत्या के प्रयास सहित 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से कुछ बेहद गंभीर और जघन्य प्रकृति के हैं।'

22 जुलाई को डॉक्टरों की हड़ताल

इस हमले के विरोध में महाराष्ट्र के डॉक्टरों, विशेष रूप से सरकारी और नगर निगम अस्पतालों के डॉक्टरों ने 22 जुलाई को राज्यव्यापी हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने भी 22 जुलाई को महाराष्ट्र के अस्पतालों में 24 घंटे की तालाबंदी (हड़ताल) की घोषणा की है, हालांकि इस दौरान आपातकालीन सेवाएं चालू रहेंगी। कॉर्पोरेटर की जमानत रद्द करने के बाद हाई कोर्ट ने डॉक्टरों से अपनी हड़ताल पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है। अदालत ने डॉक्टरों से अपील करते हुए कहा कि वे 'मानवता की सेवा' को ध्यान में रखते हुए अपने इस फैसले को बदलें।

क्या है पूरा मामला?

यह पूरी घटना 6 जुलाई की है, जब ठाणे जिले के डोंबिवली के एक अस्पताल में रमेश म्हात्रे और उसके गुंडे जबरन घुस गए थे। दरअसल, एक परिवार ने शिकायत की थी कि एनआईसीयू (NICU) फुल होने के कारण उनके नवजात बच्चे को दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए कहा गया था। इसके बाद म्हात्रे और उसके साथियों ने अस्पताल में जमकर उत्पात मचाया। घटना के सामने आए एक वीडियो में म्हात्रे के लोग एक महिला डॉक्टर सहित दो डॉक्टरों और स्टाफ के साथ बेरहमी से मारपीट करते दिखे थे। पीड़ित डॉक्टरों ने यह भी आरोप लगाया था कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। इस मामले में म्हात्रे को 8 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन 14 जुलाई को उसे मजिस्ट्रेट कोर्ट से जमानत मिल गई थी।

गिरफ्तारी से पहले म्हात्रे ने कहा था- 'कोई पछतावा नहीं'

गिरफ्तारी से पहले मीडिया से बात करते हुए शिवसेना कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे के तेवर बेहद तल्ख थे। उसने इस हरकत के लिए माफी मांगने से साफ इनकार कर दिया था और कहा था कि उसने सिर्फ एक महिला और बच्चे की मदद की है। म्हात्रे ने दावा किया था, 'मैंने महिला डॉक्टर पर हमला नहीं किया, वह फोन पर व्यस्त थी और हमारी बात नहीं सुन रही थी, इसलिए मैंने बात कराने के लिए बस उसके हाथ से फोन झटक दिया था।' हालांकि, हाई कोर्ट ने अब इस पूरे मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए म्हात्रे को जेल भेजने का रास्ता साफ कर दिया है।