Maha Decision News: बॉम्बे हाई कोर्ट ने खारिज की गौतम नवलखा और आनंद तेलतुंबडे की जमानत याचिका

बॉम्बे हाई कोर्ट ( Bombay High Court ) ने खारिज की गौतम नवलखा और आनंद तेलतुंबडे की जमानत याचिका ( Bail petition ), पुणे ( Pune ) के भीमा कोरेगांव हिंसा ( Bhima Koregaon Violence ) मामले में अब सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) जाएंगे कार्यकर्ता

By: Rohit Tiwari

Published: 14 Feb 2020, 03:57 PM IST

मुंबई. पुणे के भीमा कोरेगांव में हुई हिंसा को लेकर एल्गार परिषद के कथित माओवादी संपर्क मसले में नागरिक अधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा और आनंद तेलतुंबडे को बॉम्बे हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से शुक्रवार को इनकार कर दिया। इसके अलावा कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी से अंतरिम राहत की अवधि चार सप्ताह के लिए बढ़ा दी, ताकि वे सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकें। जनवरी 2018 में पुणे पुलिस ने कोरेगांव भीमा में हिंसा के बाद माओवादी संपर्कों समेत अन्य आरोपों के तहत नवलखा, तेलतुंबडे समेत अन्य कार्यकर्ताओं पर मामला दर्ज किया था। पुलिस के अनुसार, 31 दिसंबर 2017 को पुणे में हुए एल्गार परिषद सम्मेलन में भड़काऊ भाषण और उकसाने वाले बयान दिए गए, जिसके अगले दिन कोरेगांव भीमा में जातीय हिंसा भड़की थी।

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राष्ट्रीय जांच एजेंसी कर रही जांच
पुलिस का आरोप है कि इस सम्मेलन को माओवादियों का समर्थन प्राप्त था। तेलतुंबडे और नवलखा ने पिछले साल नवंबर में अग्रिम जमानत मांगते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया था। इससे पहले पुणे की एक सत्र अदालत ने उनकी याचिकाओं को खारिज कर दिया था। वहीं पिछले साल दिसंबर में उच्च न्यायालय ने उन्हें अग्रिम जमानत याचिकाओं के निस्तारण की सुनवाई लंबित होने के चलते गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी थी। हालांकि पहले इस मामले की जांच पुणे पुलिस कर रही थी, लेकिन पिछले महीने केंद्र सरकार ने इसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंप दी।

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