
BREAKING Maha Corona: मुंबई में कोविद-19 का होगा जबर्दस्त विस्फोट, 6 लाख 56 हजार होगी मरीजों की संख्या...
मुंबई. मुंबई और पुणे में कोरोना वायरस के रोगियों की संख्या बढ़ रही है, इसके बावजूद लॉकडाउन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। इसलिए केंद्र की एक विशेष टीम आज जमीनी हकीकत जानने के लिए मुंबई थी। वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य टीम की ओर से की गई अनुमानित भविष्यवाणी मुंबईकरों के लिए चौंकाने वाली है। अगले 8 दिनों में 30 अप्रैल तक, मुंबई में 42 हजार 604 मरीज होंगे, जबकि 15 मई तक यही संख्या 6 लाख 56 हजार तक जा पहुंचेगी। इसी तरह से स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने मंगलवार को 1 से 15 मई के बीच महाराष्ट्र और विशेष रूप से मुंबई के कोरोना संक्रमण की संख्या में वृद्धि की भविष्यवाणी की थी।
केंद्रीय दस्ते का चौंकाने वाला संकेत!
मुंबई में देखे गए रुझानों का समर्थन के तहत केंद्रीय टीम ने अपना अनुमान को व्यक्त किया है। हालांकि निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता है कि रोगियों की संख्या इतनी बढ़ जाएगी, लेकिन संभावना अधिक है। वहीं मरीजों की संख्या बढ़ने पर मुंबई की स्वास्थ्य प्रणाली पर भारी दबाव पडेगा। अगर 30 अप्रैल तक यह संख्या बढती है तो ऑक्सीजन की सुविधा के बिना आइसोलेशन बेड की संख्या 30 हजार 481 कम हो जाएगी, जबकि 15 मई तक बढ़ने वाले रोगियों की संख्या के अनुसार, ऐसे बेड की संख्या 4 लाख 87 हजार 330 की कमी आएगी!
गंभीरता से विचार करने का समय...
मुंबई में 5 हजार से अधिक कोरोना मरीज हैं और लगभग 200 मरीजों की मौत हो गई है। हालांकि मुंबई महानगरपालिका अस्पताल, निजी अस्पताल, होटल, स्पोर्ट्स ग्राउंड में कोरोना रोगियों के क्वॉरेंटाइन की व्यवस्था की गई है, लेकिन संख्या के विस्फोट के बीच वह भी अपर्याप्त साबित होंगे। वहीं सबसे खतरनाक बात यह है कि डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए भी दिनों दिन चिंता बढती जा रही है। वहीं यात्रा करने वाले हेल्थ वर्कर्स में भी कोरोना वायरस का प्रसार संभव हो सकता है। साथ ही समाचार के लिए यात्रा करने वाले विभिन्न पत्रकारों के लिए भी खतरा बढ रहा है। इसके अलावा शिवसेना के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि राज्य सरकार के लिए इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने का समय आ गया है।
12 हजार आईसीयू बेड की जरूरत है...
आज जिस तरह से कोरोना की संख्या बढ़ रही है, उसके कारण केंद्रीय टीम ने मुंबई में किए गए उपायों पर नाराजगी व्यक्त की है और लॉकडाउन के नियमों को लेकर भी गंभीर आलोचना की है। टास्क फोर्स के डॉक्टरों ने भी कोरोनरी संक्रमण के बढ़ते खतरे के बारे में चिंता व्यक्त की है और स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया है कि लगभग 12 हजार आईसीयू बेड की आवश्यकता होगी। वहीं राज्य सरकार के पास बड़ी संख्या में बेड उपलब्ध कराना भी एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है!
Updated on:
22 Apr 2020 06:55 pm
Published on:
22 Apr 2020 04:48 pm
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