
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य कैबिनेट की बैठक हुई, इस दौरान छह बड़े फैसले लिए गए। हालांकि, इस बैठक के दौरान सीएम फडणवीस ने अपने ही मंत्रियों पर कड़ा रुख अपनाया और नाराजगी जाहिर की। वजह थी कैबिनेट बैठक के एजेंडे का पहले ही लीक हो जाना। इस पर फडणवीस ने कड़ी आपत्ति जताते हुए मंत्रियों को चेतावनी दी और फिर से ऐसा होने पर कार्रवाई की बात कही।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मुद्दे पर खुद मीडिया को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कैबिनेट का एजेंडा पूरी तरह से गोपनीय होता है और इसे सार्वजनिक करना नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी कहा कि कैबिनेट की शपथ के दौरान गोपनीयता की शपथ दिलाई जाती है, इसलिए अगर कोई मंत्री ऐसा करता है तो यह गोपनीयता का उल्लंघन है, जो अपराध की श्रेणी में आता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि अगर आगे भी ऐसा जारी रहा तो दोषी मंत्रियों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, आज कैबिनेट की बैठक के दौरान सीएम फडणवीस ने मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे अपने कार्यालयों को इस संबंध में सख्त हिदायत दें और सुनिश्चित करें कि बैठक का एजेंडा पहले से बाहर न आए। उन्होंने कहा, कुछ लोग कैबिनेट बैठक से पहले ही एजेंडा छाप रहे हैं, जो कि गलत है। मैंने मंत्रियों से भी कहा है कि वे अपने कार्यालय को इस संबंध में बताएं, नहीं तो मुझे कार्रवाई करनी होगी।
इसके अलावा, उन्होंने मीडिया को भी नसीहत दी कि टीआरपी या अखबारों की बिक्री बढ़ाने के लिए बैठक से पहले कैबिनेट की गोपनीय बातें सार्वजनिक न करें।
गौरतलब हो कि महाराष्ट्र कैबिनेट ने आज मादक पदार्थ रोधी कार्यबल (एएनटीएफ) में 346 नए पदों और छठे राज्य वित्त आयोग के गठन को मंजूरी दी। इसके अलावा जलगांव जिले में ‘वरखेड़े लोंधे बैराज प्रोजेक्ट’ के लिए 1,275 करोड़ रुपये भी मंजूर किये गए। सांगली जिले में म्हैसल लिफ्ट सिंचाई योजना की ऊर्जा दक्षता में सुधार के लिए 1,594 करोड़ रुपये की सौर ऊर्जा परियोजना को भी मंजूरी दी है। कृष्णा कोयना लिफ्ट सिंचाई परियोजना सांगली और सोलापुर जिलों के सूखाग्रस्त क्षेत्रों में पानी उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण है। म्हैसल योजना इसी परियोजना का हिस्सा है।
Published on:
18 Feb 2025 09:53 pm
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