
Chhagan Bhujbal : महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस नीत महायुति सरकार में शामिल नहीं किए जाने से एनसीपी (अजित पवार) के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल बेहद नाराज हैं। उन्होंने सीधे पार्टी के मुखिया और उपमुख्यमंत्री अजित पवार पर हमला बोला। इस वजह से उनके अजित दादा का साथ छोड़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं। इस बीच भुजबल ने सोमवार को सागर बंगले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच 40 मिनट तक चर्चा हुई। इसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए छगन भुजबल ने अहम टिप्पणी की।
मुंबई स्थित ‘सागर’ बंगले में सीएम फडणवीस से मुलाकात के बाद ओबीसी नेता छगन भुजबल ने पत्रकारों से बात की और कहा कि उन्होंने राज्य के राजनीतिक तथा सामाजिक माहौल पर मुख्यमंत्री के साथ विस्तार से चर्चा की। पिछले कुछ दिनों में क्या हुआ, अभी क्या चल रहा है। इस बारे में भी बात हुई।
उन्होंने कहा, ‘‘फडणवीस ने मुझे बताया कि अन्य पिछड़ा वर्गों (OBC) ने विधानसभा चुनाव में महायुति की शानदार जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और वह इस बात का ख्याल रखेंगे कि ओबीसी समुदाय के हित प्रभावित नहीं हों।’’
एनसीपी नेता ने कहा, ‘‘सीएम फडणवीस ने कहा कि वह 10-12 दिन में कोई फैसला लेंगे।’’ पूर्व मंत्री भुजबल के साथ उनके भतीजे समीर भुजबल भी थे।
जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या वह बीजेपी को एनसीपी के विकल्प के तौर पर देख रहे हैं? इस पर भुजबल ने स्पष्ट नवाब नहीं दिया और कहा कि उन्हें जो भी कहना था वह पहले ही कह चुके हूं।
नासिक जिले की येवला विधानसभा सीट से जीते छगन भुजबल ने नागपुर में हुए राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भी हिस्सा नहीं लिया था। वह नागपुर गए थे लेकिन सत्र के पहले दिन ही नासिक लौट आए। इससे एक दिन पहले ही महायुति के 39 विधायकों ने नई सरकार में मंत्री पद की शपथ ली थी।
सूत्रों के मुताबिक, छगन भुजबल और सीएम फडणवीस के बीच अगली मुलाकात 3 जनवरी को हो सकती है। उस दिन मुख्यमंत्री सतारा जिले के दौरे पर हैं। इसलिए अब छगन भुजबल एनसीपी में रहेंगे या बीजेपी में शामिल होंगे? यह तो आने वाले दिनों में ही पता चलेगा।
Published on:
23 Dec 2024 04:19 pm
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