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सीएम शिंदे ने किया 2000 करोड़ की योजना का एलान, खत्म होगा कर्नाटक सीमा विवाद!

महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद के बीच सीएम एकनाथ शिंदे ने जट तहसील के प्रतिनिधिमंडल को म्हैसल सिंचाई योजना के विस्तार के लिए 2000 करोड़ रुपए आवंटित करने की भरोसा दिया है। एक हफ्ते पहले ही अंतर्राज्यीय सीमा के निकट जट के प्रदर्शनकारी ग्रामीणों से कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मई ने मुलाकात की थी।

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CM Eknath Shinde

महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद के बीच महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे 2000 करोड़ रुपये की राहत योजना लेकर आए हैं। सीएम शिंदे ने जट तहसील के प्रतिनिधिमंडल को म्हैसल सिंचाई योजना के विस्तार के लिए 2000 करोड़ रुपये आवंटित करने का भरोसा दिया है। एक हफ्ते पहले ही अंतर्राज्यीय सीमा के निकट जट के प्रदर्शनकारी ग्रामीणों से कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मई ने मुलाकात की थी। ये सभी जल संकट को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।

महाराष्ट्र के सांगली जिले का जट तहसील महाराष्ट्र और कर्नाटक की सीमा पर स्थित है। पिछले दिनों यहां जल संकट को लेकर प्रदर्शन के बाद दोनों राज्यों के बीच सीमा विवाद फिर से खड़ा हो गया है। सीएम शिंदे ने सांगली के चयनित प्रतिनिधियों और पश्चिम महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री के साथ बैठक में कहा कि मैंने जल संसाधन डिपार्टमेंट के अधिकारियों से युद्धस्तर पर काम पूरा करने को कहा है। जट तहसील के 42 गांवों में जल योजनाओं के लिए पर्याप्त फंड जारी किया जाएगा। यह भी पढ़े: पुणे से सिंगापुर के बीच डायरेक्ट उड़ान शुरू, सप्ताह में इतने दिन होगी फ्लाइट; जानें पूरा शेड्यूल

बता दें कि इस बैठक में सीएम शिंदे ने आगे कहा कि इसके साथ ही बिजली के साथ-साथ हेल्थ और एजुकेशन की सुविधा उपलब्ध कराने की कोशिश भी की जाएगी। हम पूरे क्षेत्र के लिए अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराएंगे। इस दौरान सीएम शिंदे ने कर्नाटक के सीएम बोम्मई के बयानों पर कुछ नहीं बोला। सीएम के वादों के बावजूद, जट विधायक विक्रम सावंत ने कहा कि घंटेभर चली बैठक निराशाजनक रही क्योंकि म्हैसल सिंचाई प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए कोई समयबद्ध योजना नहीं थी।

विक्रम सावंत ने कहा कि हम पिछले 41 साल से पानी का इंतजार कर रहे हैं। आज की बैठक के बाद ऐसा लग रहा है कि पानी उपलब्ध कराने के लिए अभी कम से कम 7 से 8 साल और लगेंगे। हमारा प्रस्ताव है कि इस परियोजना में समय लगेगा, ऐसे में सरकार को कर्नाटक के साथ तुबची बबलेश्वर परियोजना से सरप्लस पानी उपलब्ध कराने के लिए मोलभाव करना चाहिए।

बैठक में सीएम शिंदे ने भरोसा दिया कि उनकी सरकार तत्काल रूप से 200 करोड़ रुपये उपलब्ध कराएगी जबकि बाकी प्रावधान शीतकालीन सेशन के दौरान आवंटित कराए जाएंगे। वहीं एक कांग्रेस नेता ने बताया कि जट तहसील की कुछ पंचायत समितियों ने एक प्रस्ताव पास किया था जिसके मुताबिक, मूलभूत सुविधाओं की कमी की वजह से यहां के गांवों का कर्नाटक में विलय होना चाहिए। इसी के साथ शिंदे एक्शन मोड़ में आ गए हैं।