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महाराष्ट्र कांग्रेस में रार, दिल्ली तक पहुंचा मामला, नाना पटोले की अध्यक्ष पद से होगी छुट्टी?

Nana Patole: पिछले कुछ महीनों से महाराष्ट्र कांग्रेस में आपसी विवाद चल रहा है। पहले भी अल्पसंख्यक समुदाय ने प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ कड़ी नाराजगी जताई थी। आदिवासी समुदाय भी पटोले से खफा बताया जा रहा है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

May 26, 2023

Nana Patole Congress Crisis

नाना पटोले की महाराष्ट्र चीफ के पद से होगी छुट्टी? दिल्ली में अपनों ने ही लगाई फील्डिंग

Maharashtra Politics: कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले की कार्यशैली से नाराज पार्टी नेताओं ने सीधे दिल्ली में उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दरअसल कांग्रेस आलाकमान ने कर्नाटक में पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद अब महाराष्ट्र पर ध्यान केंद्रित करने का संकेत दिया है। इस बीच महाराष्ट्र कांग्रेस की अंदरुनी कलह एक बार फिर खुलकर सामने आ रही है।

जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस आदिवासी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवाजीराव मोघे और पूर्व मंत्री सुनील केदार और विजय वडेट्टीवार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी एचके पाटिल से मुलाकात की। यह भी पढ़े-उद्धव ठाकरे से मिले अरविंद केजरीवाल, केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ AAP को मिला एक और साथी

खबर है कि महाराष्ट्र कांग्रेस के बड़े नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने पार्टी आलाकमान को राज्य के राजनीतिक हालात और संगठन के कामकाज की जानकारी दी। इस दौरान दावा किया गया कि अगर अब महाराष्ट्र पर ध्यान नहीं दिया गया तो पार्टी को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

प्रतिनिधिमंडल ने चिंता जताते हुए कहा कि महाराष्ट्र में पार्टी का वोट बैंक धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। आने वाले समय में स्थानीय निकाय चुनाव, और फिर लोकसभा और विधानसभा चुनाव हैं। इसलिए राज्य में संगठनात्मक दृष्टिकोण से ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगले दो हफ़्तों के अंदर कांग्रेस वर्किंग कमेटी का गठन किया जाएगा। इसके बाद महाराष्ट्र कांग्रेस में बड़े फेरबदल होने के संकेत मिल रहे हैं। माना जाता है कि पटोले के महाराष्ट्र की कमान संभालने के बाद से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, विधानमंडल में पार्टी के नेता बालासाहेब थोराट जैसे कई कांग्रेस के दिग्गज नेता अलग-थलग पड़ गए हैं। जबकि कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं का कहना हैं कि इन नेताओं को फिर सक्रिय करने से पार्टी को फायदा होगा।

पिछले कुछ महीनों से महाराष्ट्र कांग्रेस में आपसी विवाद चल रहा है। सुनील केदार के वज्रमूठ सभा की कमान संभालने के बाद कई नेताओं ने इससे पल्ला झाड़ लिया। इससे पहले भी अल्पसंख्यक समुदाय ने प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ कड़ी नाराजगी जताई थी। आदिवासी समुदाय भी पटोले से खफा बताया जा रहा है।