
देवेंद्र फडणवीस और अब्दुल सत्तार
Abdul Sattar's Controversial Statement on Sharad Pawar's Daughter Supriya Sule: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की सांसद सुप्रिया सुले के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिनजक भाषा का इस्तेमाल करने को लेकर महाराष्ट्र के कृषि मंत्री अब्दुल सत्तार की मुसीबत कम होती नहीं दिख रही है। राज्यभर में राकांपा कार्यकर्ता सत्तार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन कर रहे है। वहीं, अब डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने अब्दुल सत्तार के बयान की निंदा की है। इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष को भाषा की मर्यादा बनाए रखने की सलाह भी दी है।
उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ''किसी को भी महिलाओं के बारे में अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. अब्दुल सत्तार ने जो कहा, मैं उसका समर्थन नहीं करूंगा, यह गलत है।'' इस दौरान बीजेपी के वरिष्ठ नेता फडणवीस ने यह भी राय व्यक्त की कि राजनीति में आचार संहिता का पालन किया जाना चाहिए।" यह भी पढ़े-Maharashtra: भारत जोड़ो यात्रा में पहली मौत! कांग्रेस सेवा दल के महासचिव कृष्ण कुमार पांडे का दिल का दौरा पड़ने से निधन
फडणवीस ने विपक्ष को दी नसीहत
अब्दुल सत्तार विवाद के बारे में पूछे जाने पर देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "किसी को भी महिलाओं के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। यह बहुत गलत है। हम इसका विरोध करेंगे। यह जैसे हम पर लागू होता है वैसे ही उन पर (विपक्ष) भी लागू होता है। मुझे लगता है कि यह राजनीति में आचार संहिता का पालन किया जाना चाहिए।“
मुंबई में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा “अब्दुल सत्तार ने जो कहा उसका मैं समर्थन नहीं करूंगा। यह गलत है। लेकिन साथ ही ‘खोके’ जैसी उलटी बात कहना भी गलत है। यह भी समझना चाहिए। दोनों तरफ से आचार संहिता का पालन करना बेहद जरूरी है। स्तर बहुत नीचे जा चुका है। मुझे लगता है कि महाराष्ट्र में इस स्तर की राजनीति नहीं होनी चाहिए। इसके लिए जब तक बड़े नेता अपने लोगों को नहीं बताएंगे, यह संभव नहीं होगा।"
आदित्य ठाकरे ने साधा निशाना
वहीँ, शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को राज्य मंत्री अब्दुल सत्तार की सुप्रिया सुले के खिलाफ कथित टिप्पणियों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग से इस मामले में हस्तक्षेप करने की भी मांग की।
ठाकरे ने कहा, ‘‘अगर कोई व्यक्ति किसी महिला के खिलाफ अभद्र का इस्तेमाल करता है और माफी मांग लेता है, तो इसे ‘शिष्टाचार’ कहा जाता है। लेकिन सत्तार ने कई बार अपशब्दों का इस्तेमाल किया है। उपमुख्यमंत्री को इस बयानबाज़ी की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। साथ ही सत्तार को उनके पद से हटा देना चाहिए।“
क्या है मामला?
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे नीत बालासाहेबंची शिवसेना के मंत्री अब्दुल सत्तार ने दावा कहा कि उन्होंने महिलाओं के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की थी। हालांकि उन्होंने अपने बयान के लिए माफी मांगी है। औरंगाबाद जिला स्थित सिल्लोद विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे सत्तार ने सुले का जिक्र करते हुए कथित तौर पर एक अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल किया था, जब संवाददाताओं ने उनसे खोखे (रुपये के बक्से) तंज के बारे में सवाल किया था।
जिसके बाद सोमवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में राकांपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। औरंगाबाद शहर और मुंबई में सत्तार के आवासों पर पथराव किया गया, जबकि सिल्लोड, पुणे, ठाणे, जालना, नागपुर और पंढरपुर में उनके खिलाफ प्रदर्शन हुए।
Updated on:
08 Nov 2022 03:38 pm
Published on:
08 Nov 2022 03:37 pm
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