
महायुति में नाराजगी के बीच फडणवीस का एकनाथ शिंदे को संदेश, फोटो सोर्स- ANI
Devendra Fadnavis statement: महाराष्ट्र में महायुति के भीतर अलग-अलग नेताओं के रुख को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना नेतृत्व को इशारों में संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के अलग रुख अपनाने का मतलब यह नहीं है कि वह पूरे दल का रुख है। हालांकि, पार्टी प्रमुख को भी इस पर ध्यान देना चाहिए। जब सभी दल एक साथ हैं, तो किसी एक व्यक्ति का अलग रुख अपनाना पार्टी के लिहाज से उचित नहीं है।
फडणवीस की यह टिप्पणी छत्रपति संभाजीनगर में शिवसेना के रुख और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में महायुति के उम्मीदवार सतीश चव्हाण के समर्थन को लेकर सामने आ रही अलग-अलग प्रतिक्रियाओं के बीच आई है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मंत्री संजय शिरसाट ने एक दिन पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि शिवसेना महायुति और सतीश चव्हाण के साथ है। उन्होंने कहा कि भाजपा पहले दिन से ही चव्हाण के समर्थन में काम कर रही है। फडणवीस के मुताबिक, किसी एक व्यक्ति के अलग रुख को पूरे दल की आधिकारिक भूमिका नहीं माना जा सकता। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि संबंधित पार्टी प्रमुख इस मामले पर ध्यान देंगे। उन्होंने कहा कि जब सभी दल एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं, तो अलग-अलग रुख अपनाना उचित नहीं है।
महाविकास आघाड़ी में सब कुछ ठीक नहीं होने से जुड़े सवाल पर फडणवीस ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि महाविकास आघाड़ी शुरुआत से ही बंटी हुई है और वहां गुटबाजी की राजनीति बड़े पैमाने पर होती है। उन्होंने कहा कि भाजपा और महायुति एकजुट होकर काम कर रहे हैं। फडणवीस के अनुसार, नागपुर में भाजपा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और अन्य सहयोगी दलों के सभी गुट मिलकर काम कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस और उसके गठबंधन में ऐसी एकजुटता दिखाई नहीं देती।
अमरावती और पुणे में महायुति के भीतर फूट की चर्चाओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अमरावती में किरण सरनाईक महायुति के उम्मीदवार हैं और भाजपा पूरी तरह उनके साथ है। पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में डॉ. स्मिता जाधव को महायुति का उम्मीदवार बताते हुए उन्होंने कहा कि पूरा गठबंधन उनके समर्थन में है। उन्होंने विशेष रूप से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की भूमिका का जिक्र किया और कहा कि सुनेत्रा वहिनी ने बैठक लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनावी काम में लगाया है। शिवसेना भी प्रचार में जुटी हुई है।
फडणवीस ने कहा कि केवल पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में महायुति के सहयोगियों के बीच मैत्रीपूर्ण मुकाबला है। उनके मुताबिक, गठबंधन में कहीं भी आपसी मतभेद नहीं हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की पांचों सीटों पर महायुति के उम्मीदवार जीत हासिल करेंगे।
मुख्यमंत्री ने उद्धव ठाकरे के ‘रेजीम चेंज’ संबंधी बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल किया कि उद्धव ठाकरे जब अपने दल में हुए बदलाव को नहीं रोक सके, तो वे किस रेजीम चेंज की बात कर रहे हैं। फडणवीस ने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे की पार्टी ने हिंदुत्व और बालासाहेब ठाकरे के विचारों को छोड़ दिया, जिसके बाद पार्टी के भीतर विवाद हुआ। उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे के विचारों पर चलने वाले एक गुट ने शिवसेना की स्थापना की।
उन्होंने आगे कहा कि संविधान के खिलाफ लड़ना बंद किया जाना चाहिए। फडणवीस के मुताबिक, लोकतंत्र में फैसले चुनावों के जरिए होते हैं, सड़कों पर नहीं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के दोबारा चुने जाने का विश्वास जताया। फडणवीस ने कहा कि भारत में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा दिया गया संविधान है और उसमें पर्याप्त ताकत है। उन्होंने विपक्ष को संविधान की व्यवस्था का सम्मान करने की नसीहत भी दी।
Updated on:
18 Oct 2026 03:58 pm
Published on:
18 Oct 2026 03:58 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
